
धामनसरा एनीकट की ऊपरी परत फिर उखड़ी, जल संसाधन विभाग की लापरवाही से खतरे में लोगों की जान
17 जुलाई 2025, दुर्ग/राजनांदगांव
मोहड़-धामनसरा एनीकट की ऊपरी परत एक बार फिर भारी बारिश और पानी के दबाव के कारण करीब 50 फीट लंबाई में उखड़ गई है। जल संसाधन विभाग की लापरवाही के चलते समय पर एनीकट के गेट नहीं खोले गए, जिसके परिणामस्वरूप यह स्थिति उत्पन्न हुई। यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी दो बार एनीकट की ऊपरी परत बह चुकी है। इसके बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
गेट न खोलने की कीमत
पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद मोंगरा सहित विभिन्न बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। साथ ही खेत-खलिहानों से बरसाती पानी नदी में समाहित हुआ। एनीकट के गेट बंद होने के कारण पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया, जिससे एनीकट की 5 से 6 इंच मोटी और 60 फीट से अधिक लंबी ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ गई। जल स्तर कम होने के बाद विभाग की मनमानी और लापरवाही स्पष्ट हो गई है।
लोगों की जान जोखिम में
एनीकट की क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण आसपास के लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। विभाग की उदासीनता के चलते यह क्षेत्र अब खतरे का सबब बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर गेट खोलने की व्यवस्था होती तो यह नुकसान टाला जा सकता था।
पहले भी सामने आ चुकी है लापरवाही
इससे पहले दर्री एनीकट के मामले में भी जल संसाधन विभाग की लापरवाही उजागर हो चुकी है। बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद विभाग द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। एनीकट के गेटों के खुलने या बंद होने का असर सीधे तौर पर जल प्रवाह और संरचना की सुरक्षा पर पड़ता है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ रहा है।
सुधार की मांग
स्थानीय निवासियों और प्रभावित लोगों ने जल संसाधन विभाग से तत्काल सुधार कार्य शुरू करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचने की मांग की है। विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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