
डेंगू का खतरा: भिलाई में 3 मरीजों की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग और BSP की संयुक्त कार्रवाई
भिलाई में डेंगू ने एक बार फिर दस्तक दी है। इस सीजन में तीन नए मरीजों की पुष्टि होने से स्वास्थ्य विभाग और मलेरिया विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित मरीजों में दो भिलाई टाउनशिप के हैं, जबकि तीसरा मरीज पटरीपार राधिका नगर का निवासी है। मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है, और डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।
दो मरीजों का ट्रैवल हिस्ट्री सामने आया
जानकारी के अनुसार, टाउनशिप के एक मरीज, जो सेक्टर-1 का रहने वाला है, हाल ही में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से लौटा है। दूसरा मरीज सेक्टर-9 का है, जो महाराष्ट्र से वापस आया है। आशंका जताई जा रही है कि ये दोनों मरीज अन्य राज्यों से डेंगू प्रभावित होकर लौटे हैं। तीसरा संदिग्ध मरीज राधिका नगर का है, जिसकी स्थिति की जांच की जा रही है।
लार्वा की तलाश में संयुक्त अभियान
स्वास्थ्य विभाग और भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) की संयुक्त टीम मरीजों के घरों और आसपास के क्षेत्रों में डेंगू के लार्वा की तलाश में जुटी है।

प्रभावित इलाकों को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है ताकि डेंगू के मच्छर अन्य घरों तक न पहुंच सकें। इस कार्रवाई का मकसद डेंगू के प्रसार को नियंत्रित करना है।
डेंगू के लार्वा का ठिकाना
डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। पुराने टायर, बर्तन, पानी की टंकियों, कूलर और नारियल के खोल में जमा पानी लार्वा के लिए अनुकूल स्थान हैं। बारिश के मौसम में भिलाई, भिलाई-चरोदा, रिसाली और दुर्ग क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फॉगिंग की व्यवस्था को और प्रभावी करने की जरूरत है, क्योंकि वर्तमान में यह हर क्षेत्र में नियमित रूप से नहीं हो रही।
डेंगू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
डॉ. बंजारे ने बताया कि तीन संभावित मरीजों की पहचान की गई है, जिनकी एलाइजा जांच से डेंगू की पुष्टि होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास साफ पानी जमा न होने दें। कूलर और टंकियों को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें। साफ पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं, इसलिए जला हुआ तेल या केरोसिन का उपयोग भी प्रभावी हो सकता है।
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