
दिल्ली शराब घोटाला केस: केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को CBI मामले में बरी किया
राजस्व न्यायालय ने सबूतों के अभाव में किया बरी
नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को CBI केस में सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि बिना पुख्ता सबूतों के किसी भी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
कोर्ट की टिप्पणी: आरोप साबित करने में जांच एजेंसी असफल
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। ऐसे में आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है। इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।

जमानत के बाद मिली राहत
अरविंद केजरीवाल पहले से ही इस मामले में जमानत पर थे। उन्हें 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 26 जून को CBI ने भी उन्हें हिरासत में लिया। सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को ED मामले में जमानत मिलने के बाद 13 जुलाई 2024 को वे जेल से बाहर आए थे।
ED और CBI दोनों ने दर्ज किया था केस
शराब नीति से जुड़े इस कथित घोटाले में केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ ED और CBI दोनों एजेंसियों ने अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। आरोप था कि नई शराब नीति के जरिए कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। हालांकि अदालत के इस फैसले के बाद CBI केस में दोनों नेताओं को बड़ी राहत मिल गई है।
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