
दिल्ली के शातिर ने NGO को लगाया 20 लाख का चूना, 5 करोड़ Donation का दिया झांसा
भिलाईनगर, 19 जुलाई 2025:
पांच करोड़ के दान का लालच, 20 लाख की ठगी
दिल्ली में बैठे एक शातिर ठग ने भिलाई के एक NGO को 5 करोड़ रुपये के दान का लालच देकर 20 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर डाली। पीड़ित एनजीओ डायरेक्टर ने जब अपने पैसे वापस मांगे, तो ठग ने साफ कह दिया कि “तुम्हारा पैसा डूब गया।” इस मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी का जाल कैसे बुना गया
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता कृष्णकांत शर्मा (46), जो LIG 556, पदमनाभपुर में रहते हैं, ने बताया कि वे श्री राम बालकृष्ण वेलफेयर सोसाइटी के इलेक्ट्रीशियन विभाग में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी सोसाइटी समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय है। कृष्णकांत के दोस्त अंकुर जैन, जो कसारडीह, दुर्ग में स्वर्ण ज्वेलर्स नाम से दुकान चलाते हैं, ने 26 मई 2025 को उन्हें बताया कि उनका एक दोस्त संतोष तिवारी दिल्ली में रहता है और बड़े कार्पोरेट्स से एनजीओ के लिए करोड़ों रुपये का दान दिलवाता है।
कॉन्फ्रेंस कॉल से शुरू हुआ फर्जीवाड़ा
कृष्णकांत ने इस जानकारी को अपनी सोसाइटी के डायरेक्टर विकास सेनवार को दिया, जिन्होंने श्री बालकृष्ण सोशल वेलफेयर सोसाइटी, इंदौर के लिए दान की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद अंकुर जैन ने संतोष तिवारी से कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए कृष्णकांत और विकास सेनवार की बात कराई। संतोष ने दावा किया कि वह एक बड़ी कंपनी से उनके एनजीओ को 5 करोड़ रुपये का दान दिलवा सकता है। इसके लिए उसने एनजीओ के दस्तावेज मांगे। विकास ने अपने एनजीओ के दस्तावेज व्हाट्सएप के जरिए अंकुर को भेजे, जिन्हें अंकुर ने संतोष को फॉरवर्ड कर दिया।

40 लाख एडवांस की मांग, 20 लाख का भुगतान
27 मई को संतोष तिवारी ने कॉल कर बताया कि दस्तावेज स्वीकृत हो गए हैं और 5 करोड़ रुपये का दान RTGS के जरिए मिलेगा। लेकिन उसने शर्त रखी कि पहले 40 लाख रुपये एडवांस देना होगा। अंकुर और विकास ने इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताई, लेकिन संतोष ने बिना एडवांस के काम न होने की बात कही। आखिरकार 20 लाख रुपये एडवांस देने पर सहमति बनी। इसके बाद संतोष ने मुंबई के एक बैंक खाते में 15 लाख रुपये और बाद में 5 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए।
हैदराबाद में चला ठगी का खेल
संतोष तिवारी ने 26 जून को अंकुर जैन और विकास सेनवार को हैदराबाद के होटल आरिस, रोड नंबर 12, बंजारा हिल्स बुलाया। वहां उसने एनजीओ के मूल दस्तावेज और बैलेंस शीट की जांच की और दावा किया कि दस्तावेज ओरिजिनल नहीं हैं, इसलिए पैसा डूब गया। इसके बाद उसने कागजात तैयार करने के नाम पर 5 लाख रुपये और ले लिए। 1 जुलाई को अंकुर और विकास फिर हैदराबाद गए, जहां संतोष ने पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में फोन पर कह दिया कि “आप लोग देर से आए, आपका पैसा डूब गया।”
पुलिस ने शुरू की जांच, साइबर पोर्टल पर भी शिकायत
20 लाख 50 हजार रुपये की ठगी का शिकार हुए कृष्णकांत, विकास और अंकुर ने पुरानी भिलाई पुलिस में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने संतोष तिवारी (पिता तारकेश्वर तिवारी, पता: प्लॉट नंबर 22/21, गली नंबर 21/22, यूजीएफ 3, ओम विहार फेस 3, वेस्ट दिल्ली) के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इसकी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर भी की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संतोष की तलाश में जुट गई है।
पुरानी भिलाई पुलिस ने एनजीओ संचालकों और आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के लालच भरे प्रस्तावों से सावधान रहें और किसी भी राशि का भुगतान करने से पहले पूरी जांच करें। इस मामले में पुलिस जल्द ही आरोपी को पकड़ने की उम्मीद जता रही है।
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