
दंतेवाड़ा में नक्सलियों का सरेंडर: लोन वर्राटू अभियान की बड़ी सफलता
9 जुलाई 2025
परिचय: 12 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी मिली है। 8 लाख रुपये के इनामी नक्सली चंद्रना समेत 12 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं। यह घटना नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
लोन वर्राटू अभियान: नक्सलियों की मुख्यधारा में वापसी
लोन वर्राटू अभियान, जो जून 2020 में शुरू किया गया था, नक्सलियों को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करता है। इस अभियान के तहत अब तक दंतेवाड़ा में 991 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें 238 इनामी नक्सली शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह अभियान नक्सलियों के बीच निराशा और आंतरिक मतभेदों को बढ़ावा दे रहा है।
चंद्रना: 8 लाख का इनामी नक्सली

चंद्रना, जिस पर 8 लाख रुपये का इनाम था, कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। उसका आत्मसमर्पण नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, चंद्रना के साथ आत्मसमर्पण करने वाले अन्य नक्सलियों पर कुल 28.50 लाख रुपये का इनाम था। ये नक्सली विभिन्न हिंसक गतिविधियों में सक्रिय थे।
महिला नक्सलियों की भागीदारी
इस आत्मसमर्पण में तीन महिला नक्सलियों का शामिल होना भी महत्वपूर्ण है। ये महिलाएं नक्सल संगठन में सक्रिय रूप से काम कर रही थीं और उनकी वापसी से संगठन की कमजोरी उजागर होती है। पुलिस ने इनके पुनर्वास के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की है, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
पुलिस और सीआरपीएफ की भूमिका
दंतेवाड़ा पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय खुफिया इकाइयों और सीआरपीएफ की बटालियनों ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधिकारियों ने इस सफलता को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में एक मील का पत्थर बताया।
उत्सव का माहौल: केक काटकर मनाई खुशी
आत्मसमर्पण के बाद जवानों ने उत्सव का माहौल बनाया और केक काटकर इस सफलता का जश्न मनाया। यह दर्शाता है कि सुरक्षा बल न केवल नक्सलवाद से लड़ रहे हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के साथ सकारात्मक संबंध भी बना रहे हैं।
भविष्य की योजना: नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बल नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लोन वर्राटू अभियान के तहत पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार, शिक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।
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