
साइबर ठगी का पर्दाफाश: उत्तराखण्ड से दो अपराधी गिरफ्तार, गरियाबंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उत्तराखण्ड से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो मोबाइल में भेजी गई APK फाइल के जरिए लोगों के फोन हैक कर उनके बैंक खातों से रुपये उड़ा रहे थे। पीड़िता की शिकायत के आधार पर गरियाबंद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। इस कार्रवाई में पुलिस ने ठगी की राशि से खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं।
शिकायत से शुरू हुई जांच
एक महिला ने साइबर क्राइम टोल फ्री नंबर 1930 पर ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज की थी। पीड़िता ने बताया कि उसे एक अज्ञात नंबर से संदिग्ध APK फाइल प्राप्त हुई, जिसे अनजाने में क्लिक करने के बाद उसके मोबाइल का नियंत्रण ठगों के हाथों में चला गया। इसके तुरंत बाद उसके फोन-पे ऐप से ₹1,42,239 की राशि गायब हो गई। शिकायत मिलते ही गरियाबंद साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। विशेषज्ञों ने पीड़िता के मोबाइल को स्कैन कर APK फाइल को हटाया और फोन को सुरक्षित किया।

ऑनलाइन शॉपिंग ने दिया सुराग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगों ने चुराई गई राशि से ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स के माध्यम से गिफ्ट वाउचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदे थे। इस जानकारी ने पुलिस को अपराधियों के इलेक्ट्रॉनिक लोकेशन तक पहुंचने में मदद की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
उत्तराखण्ड में पुलिस की दबिश
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से दोनों आरोपियों की लोकेशन उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर जिले के जशपुर थाना क्षेत्र के अंगदपुर गांव में मिली। थाना राजिम, थाना पाण्डुका और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तुरंत उत्तराखण्ड पहुंचकर दबिश दी और दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
आरोपियों ने कबूली ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने APK फाइल के जरिए ठगी की योजना बनाई थी। उन्होंने ठगी की राशि से दो लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन खरीदे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन कुमार मीणा (20 वर्ष) और अमित कुमार मीणा (18 वर्ष), दोनों निवासी अंगदपुर, जशपुर, उधमसिंह नगर (उत्तराखण्ड) के रूप में हुई है।

जब्त सामग्री और ठगी का पैमाना
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹2,18,000 है। यह सामग्री साइबर ठगी से अर्जित राशि के दुरुपयोग को दर्शाती है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और ठगी के तौर-तरीकों की गहन जांच कर रही है।
साइबर ठगी से बचाव की सलाह
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अज्ञात स्रोतों से प्राप्त लिंक या APK फाइल पर क्लिक करने से बचें। साइबर ठगी से बचने के लिए मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत साइबर सेल या टोल फ्री नंबर 1930 पर करें।
इस कार्रवाई से गरियाबंद पुलिस ने साइबर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि वे कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। जांच अभी जारी है और पुलिस को इस मामले में और भी बड़े खुलासे की उम्मीद है।
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