
Bijapur में ठेकेदार की ‘दबंगई’, बाउंड्रीवाल की आड़ में सरकारी जमीन पर बनाया अपना आशियाना
बीजापुर | छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में अतिक्रमण के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शहर के वार्ड नंबर-7 शांतिनगर में एक ठेकेदार द्वारा बाउंड्रीवाल निर्माण की आड़ में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका द्वारा शोकॉज नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ठेकेदार ने निर्माण कार्य नहीं रोका है।
बाउंड्रीवाल के अंदर ‘निजी आशियाना’
शांतिनगर के डंप यार्ड के पास शासन द्वारा लाखों की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा है। वार्डवासियों और पार्षद ने विकास कार्य समझकर इसका स्वागत किया था, लेकिन ठेकेदार की मंशा कुछ और ही निकली। बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा होने से पहले ही ठेकेदार ने उसके भीतर गुपचुप तरीके से अपने लेबर और मिस्त्री के रहने के लिए एक शीटनुमा पक्का आशियाना (मकान) तैयार कर लिया।

जब स्थानीय पार्षद और वार्डवासियों ने मौके पर पहुंचकर इस अवैध निर्माण को हटाने को कहा, तो ठेकेदार ने सहयोग करने के बजाय उनसे बहस शुरू कर दी। पार्षद की शिकायत पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियमतः नोटिस मिलने के बाद काम रुक जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार खुलेआम निर्माण जारी रखे हुए है।
प्रशासन के दोहरे मापदंड पर उठे सवाल
यह मामला इसलिए भी गरमाया हुआ है क्योंकि हाल ही में प्रशासन ने नया बस स्टैंड के पीछे 100 से अधिक गरीब परिवारों के मकानों को अवैध बताकर उन पर बुलडोजर चला दिया है। एक तरफ गरीबों के सिर से छत छीनी जा रही है।दूसरी तरफ एक रसूखदार ठेकेदार सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहा है और प्रशासन का नोटिस भी उसके लिए बेअसर साबित हो रहा है। अब वार्डवासियों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि क्या प्रशासन का बुलडोजर केवल गरीबों के लिए है या इस ‘दबंग’ ठेकेदार पर भी कोई कड़ी कार्रवाई होगी?
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