
Chhattisgarh में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16,000 से अधिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
10 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन तेज, बिलासपुर में प्रदर्शन, मितानिनों ने भी की रैली
रायपुर, 19 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने नियमितीकरण और ग्रेड पे सहित अपनी मांगों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। इस बीच, मितानिनों ने भी अपनी 3 सूत्रीय मांगों के समर्थन में रैली निकाली।

बिलासपुर में कोनहर गार्डन में प्रदर्शन
एनएचएम कर्मचारियों ने बिलासपुर के कोनहर गार्डन में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

नियमितीकरण और ग्रेड पे की मांग प्रमुख
एनएचएम कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण और ग्रेड पे का मुद्दा सबसे अहम है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से अस्थायी रूप से काम कर रहे हैं और उनकी सेवाओं को नियमित करने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। इसके अलावा, ग्रेड पे और अन्य सुविधाओं में सुधार की मांग भी उनके आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे हड़ताल जारी रखेंगे।
मितानिनों ने भी उठाई आवाज
हड़ताल के बीच, मितानिनों ने भी अपनी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकाली। मितानिनों ने बेहतर कार्यस्थितियों, उचित पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उनकी सेवाओं को महत्व देते हुए उनकी मांगों पर तत्काल विचार किया जाए।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
हड़ताल के कारण राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कर्मचारियों और मितानिनों के इस आंदोलन ने सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, बशर्ते उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।



