
छत्तीसगढ़ में Drugs Racket का भंडाफोड़: ‘ड्रग्स क्वीन’ नव्या मलिक और विधि अग्रवाल जेल में
रायपुर, 6 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से मशहूर नव्या मलिक और उनकी सहयोगी विधि अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। दोनों को विशेष अदालत में पेश करने के बाद 15 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में अन्य आरोपी अयान परवेज, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान और जुनैद अख्तर को भी एक साथ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस की ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत यह कार्रवाई की गई है, जिसमें पिछले में 57 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 7 महिलाएं और पंजाब से 6 तस्कर शामिल हैं।
मामले की शुरुआत और गिरफ्तारियां
यह रैकेट 23 अगस्त को उजागर हुआ, जब पुलिस ने देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास एक कार को रोका। कार से 27.58 ग्राम एमडीएमए (एक सिंथेटिक ड्रग), 85,300 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और एक सेडान कार जब्त की गई। इस छापे में हरश अहुजा (रायपुर), मोनू विष्णोई (हरियाणा) और दीप धनोरिया (रायपुर) को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में नव्या मलिक और अयान परवेज का नाम सामने आया, जिन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था।

गुरुवार को चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया: विधि अग्रवाल (27, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल), ऋषिराज टंडन (इवेंट मैनेजर, शंकर नगर), सोहेल खान (29, महासमुंद) और जुनैद अख्तर (28, रायपुर)। ये सभी नव्या मलिक और अयान परवेज से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, इवेंट मैनेजर जैसे ऋषिराज टंडन इस नेटवर्क के ‘चेहरा’ बनकर काम कर रहे थे, जो प्राइवेट पार्टियों और रायपुर की नाइटलाइफ में एमडीएमए जैसी सिंथेटिक ड्रग्स बांटते थे।
पार्टियों का जाल और ड्रग्स का इस्तेमाल
जांच से पता चला कि नव्या मलिक और विधि अग्रवाल अक्सर मुंबई और गोवा जाती थीं, जहां वे अमीर परिवारों के युवाओं के साथ रातभर चलने वाली पार्टियां आयोजित करती थीं। ये पार्टियां रायपुर, नवा रायपुर, मंदिर हसौद, वीआईपी रोड और चंद्रखुरी जैसे इलाकों में होटल्स, रिसॉर्ट्स, क्लब्स और फार्महाउसों में होती थीं। विधि अग्रवाल की इवेंट कंपनी ‘बिहाइंड द सीन’ रायपुर के बड़े होटलों, क्लब्स और मैरिज पैलेसों में न्यू ईयर सेलिब्रेशन जैसे इवेंट्स आयोजित करती थी।

पार्टियां शुरू में 25-30 लोगों के साथ होती थीं, लेकिन रात 1 बजे तक केवल 10-15 लोग बचते थे, जहां फार्महाउसों में ड्रग्स का सेवन और अश्लील गतिविधियां होती थीं। आरोपी बड़े उद्योगपतियों, व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़े थे और उनके साथ पार्टियां करने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से चैट्स बरामद किए हैं, जिनसे ड्रग्स खरीदारों की लिस्ट बनाई जा रही है। इन लोगों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा और उनके परिवारों को सूचित किया जाएगा, क्योंकि कई माता-पिता अपने बच्चों की इन गतिविधियों से अनजान हैं।
ड्रग्स की सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
इस रैकेट में मुख्य ड्रग्स एमडीएमए, हेरोइन, एलएसडी और एक्स्टसी जैसी सिंथेटिक ड्रग्स हैं। हेरोइन की सप्लाई पंजाब से होती है, जो आगे पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और इटली के सप्लायर्स से जुड़ी है। खालिस्तान गैंगस्टर्स इस ट्रेड में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, और पैसे का लेन-देन हवाला के जरिए होता है। सिंथेटिक ड्रग्स दिल्ली और मुंबई के कार्टेल्स से आती हैं, जबकि गांजा ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमाओं से।
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