
Chhattisgarh : विधवाओं को मिलने वाले 21 Lakh रुपये का गबन, सामाजिक नेता पर आरोप
बिलासपुर, 02 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ में एक गंभीर घोटाले का खुलासा हुआ है, जहां राज्य सरकार द्वारा विधवाओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता के तहत 21 लाख रुपये का गबन होने का आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब कई प्रभावित विधवाओं ने शिकायत की कि उन्हें निर्धारित राशि नहीं मिली, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में भुगतान दिखाया जा रहा है। इस घोटाले में शामिल होने का आरोप एक स्थानीय सामाजिक नेटवर्क और कुछ अधिकारियों पर लगाया जा रहा है, जो इस योजना को लागू करने में कथित रूप से लापरवाही बरत रहे हैं।

घटना की पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ सरकार ने विधवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक विशेष योजना शुरू की थी, जिसमें पात्र विधवाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत अब तक लाखों रुपये विभिन्न जिलों में वितरित किए गए हैं। हालाँकि, रायपुर और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों से रिपोर्ट्स मिली हैं कि कई लाभार्थियों को उनकी राशि नहीं मिली, जिससे संदेह deepened हुआ। जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेजों और नकली हस्ताक्षरों के जरिए धनराशि का गबन किया गया।
सामाजिक नेटवर्क की संदिग्ध भूमिका
इस मामले में एक स्थानीय सामाजिक नेटवर्क पर उंगलियाँ उठ रही हैं, जो विधवाओं को योजना से जोड़ने का दावा करता था। आरोप है कि इस नेटवर्क ने लाभार्थियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई और फिर उनके नाम पर राशि हड़प ली। कई विधवाओं ने बताया कि उन्हें नेटवर्क के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया था कि उनकी सहायता जल्द ही उनके खातों में जमा हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बजाय, उनके दस्तावेज गायब हो गए या गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए।

प्रशासनिक लापरवाही
घोटाले की जड़ में प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही भी देखी जा रही है। जांच में पाया गया कि जिला प्रशासन ने लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया को सख्ती से लागू नहीं किया, जिसका फायदा गलत लोगों ने उठाया। कई मामलों में, भुगतान की पुष्टि करने वाले दस्तावेजों में विसंगतियाँ पाई गईं, लेकिन इन पर ध्यान नहीं दिया गया। इस घटना ने सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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