
Chhattisgarh शराब पीकर स्कूल जाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई, नौकरी से बर्खास्तगी के साथ होगी FIR
रायपुर, 13 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन और गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए एक सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि शराब पीकर स्कूल में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे शिक्षकों को न केवल नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की जाएगी। यह कदम प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।

शिक्षकों में अनुशासन की आवश्यकता पर जोर
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “राज्य सरकार एक ओर शिक्षकों के वेतन और सुविधाओं में वृद्धि कर रही है, ताकि वे बेहतर ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। लेकिन इसके साथ ही शिक्षकों में अनुशासन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।” उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई स्कूलों से शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंचते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय मटरगस्ती करते हैं। यह न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।
मंत्री ने आगे कहा, “शिक्षक समाज के लिए एक रोल मॉडल होते हैं। उनके व्यवहार और कार्यशैली का बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षक न केवल अपने कर्तव्यों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि बच्चों के सामने गलत उदाहरण भी पेश करते हैं। ऐसे में सरकार इस मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं देगी।”

क्या होगी कार्रवाई?
शिक्षा विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, शराब पीकर ड्यूटी करने वाले शिक्षकों की पहचान के लिए स्कूलों में विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
शिकायतों की जांच: प्रदेश भर से प्राप्त शिकायतों की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष समितियां गठित की जाएंगी, जो शिक्षकों के व्यवहार और कार्यशैली पर नजर रखेंगी।
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