
Chhattisgarh शराब घोटाला: ED ने चैतन्य बघेल के खिलाफ पेश किए पुख्ता सबूत”
बिलासपुर, 9 सितंबर 2025 (निलमणि पाल/विशेष संवाददाता): छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सोमवार को लंबी और तीखी बहस हुई। जस्टिस अरविंद वर्मा की एकलपीठ के समक्ष चली यह सुनवाई करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत को आश्वस्त किया कि उनके पास चैतन्य बघेल के षड्यंत्र में गहरी संलिप्तता के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिनमें महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। ईडी के वकीलों ने दावा किया कि ये दस्तावेज बघेल की गिरफ्तारी को पूरी तरह वैध साबित करते हैं।
ईडी की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा, “चैतन्य बघेल के षड्यंत्र में शामिल होने से संबंधित दस्तावेज हमारे पास सुरक्षित हैं। यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की गई है।” वहीं, बघेल की ओर से पेश वकीलों ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए तर्क दिया कि ईडी ने जांच के दौरान कानूनी नियमों का पालन नहीं किया। उन्होंने याचिका में मांग की कि पूरी कार्रवाई को रद्द किया जाए और चैतन्य को तत्काल जमानत दी जाए। बहस के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी, लेकिन कोई अंतरिम राहत प्रदान नहीं की।

शराब घोटाले का पृष्ठभूमि: 2,161 करोड़ का काला कारोबार
यह मामला छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कथित रूप से हुए शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें अधिकारियों, नेताओं और शराब कारोबारियों के बीच गठजोड़ का आरोप है। ईडी की जांच के अनुसार, इस घोटाले से राज्य के खजाने को करीब 2,161 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें गैर-एक्साइज भुगतान वाली शराब की बिक्री, लाइसेंस में हेराफेर, कमीशनखोरी और काले धन को सफेद करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों ने मोटा कमीशन देने वाले निर्माताओं से ही शराब खरीदी जाती थी। पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी ए.पी. चौधरी और अन्य बड़े नाम इस सिंडिकेट से जुड़े बताए जाते हैं। घोटाले की जड़ में छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) की नीतियां थीं, जिनके जरिए अवैध कमाई को रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में निवेश किया गया।

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी: जन्मदिन पर बड़ा झटका
चैतन्य बघेल, जो छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रह चुके हैं, को 18 जुलाई 2025 को उनके 38वें जन्मदिन पर ही दुर्ग जिले के भिलाई स्थित उनके निवास से ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, बघेल ने शराब सिंडिकेट से उत्पन्न अपराध की आय (पीओसी) से 16 करोड़ 70 लाख रुपये प्राप्त किए, जिसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘विट्ठल ग्रीन’ में निवेश किया। यह प्रोजेक्ट कथित रूप से काले धन को सफेद करने का केंद्र था, जहां फर्जी सौदों के जरिए नकदी को वैध बनाया जाता था।
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