
Chhattisgarh श्मशान घाट में शेड का अभाव, बारिश में तिरपाल के सहारे हुआ बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार
कवर्धा, छत्तीसगढ़ (15 सितंबर 2025): छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया ब्लॉक में स्थित ग्राम डोंगरिया खुर्द में श्मशान घाट की बदहाल स्थिति ने एक बार फिर शासन-प्रशासन के विकास के दावों की पोल खोल दी है। रविवार को लगातार बारिश के बीच एक बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए ग्रामीणों को मजबूरी में तिरपाल तानकर शव को अग्नि देनी पड़ी। श्मशान घाट में शेड न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है।

क्या है पूरा मामला?
पंडरिया ब्लॉक के ग्राम डोंगरिया खुर्द में रविवार को एक बुजुर्ग महिला का निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीण श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन वहां शेड की सुविधा न होने के कारण बारिश में अंतिम संस्कार करना असंभव सा हो गया। लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रामीणों ने अपने स्तर पर तिरपाल की व्यवस्था की और इसे तानकर किसी तरह अंतिम संस्कार संपन्न किया। इस दौरान कई लोग बारिश में भीगते रहे, लेकिन मजबूरी में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट में बुनियादी सुविधाओं का अभाव लंबे समय से बना हुआ है। न तो शेड है, न ही बैठने की उचित व्यवस्था, और न ही पानी या अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बारिश के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि खुले में अंतिम संस्कार करना न केवल कठिन है, बल्कि मृतक के प्रति सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है।

ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल
डोंगरिया खुर्द के ग्रामीणों ने श्मशान घाट की इस दयनीय स्थिति पर गहरा रोष जताया है। उनका कहना है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे तो करता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जाती है। एक ग्रामीण, रामलाल साहू (बदला हुआ नाम), ने बताया, “हमने कई बार पंचायत और प्रशासन से श्मशान घाट में शेड बनाने की मांग की, लेकिन हर बार हमें सिर्फ आश्वासन मिलता है। बारिश में तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करना कितना मुश्किल है, यह वही समझ सकता है जो इसे झेलता है।”
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