
Chhattisgarh:राजीव भवन पर ED की दबिश: मलकीत सिंह को सौंपी चालान की कॉपी, शराब घोटाले के पैसे से बने हरीश का घर और सुकमा कांग्रेस भवन का दावा
रायपुर, 8 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान ED की चार सदस्यीय टीम ने कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गायडू को शराब घोटाले से जुड़े मामले में चालान की कॉपी सौंपी। अधिकारियों का दावा है कि इस घोटाले से प्राप्त धन का उपयोग सुकमा में कांग्रेस भवन और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण में किया गया।

ED की कार्रवाई: मलकीत सिंह से पूछताछ
ED की टीम ने राजीव भवन में करीब 15 मिनट बिताए और मलकीत सिंह से बंद कमरे में पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, मलकीत सिंह को पहले कई बार समन जारी किया गया था, लेकिन जवाब न मिलने पर ED को यह कदम उठाना पड़ा। जांच एजेंसी ने मलकीत सिंह से सुकमा और कोंटा में कांग्रेस कार्यालयों के निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसके बाद बुधवार को मलकीत सिंह को रायपुर स्थित ED कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया।
शराब घोटाला और कवासी लखमा का कनेक्शन
ED की जांच 2019 से 2022 के बीच हुए कथित शराब घोटाले पर केंद्रित है, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। इस घोटाले में कथित तौर पर 2,161 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई, जिसका बड़ा हिस्सा शराब की खरीद और वितरण में भ्रष्टाचार के जरिए जुटाया गया। ED का दावा है कि तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मिलती थी, जिसके जरिए उन्होंने 36 महीनों में कुल 72 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।
सुकमा कांग्रेस भवन और हरीश के घर पर सवाल
ED ने 13 जून 2025 को सुकमा में कांग्रेस भवन, कवासी लखमा के रायपुर स्थित आवास और उनके बेटे हरीश कवासी के सुकमा स्थित घर को अस्थायी रूप से कुर्क किया। जांच एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों का निर्माण शराब घोटाले से प्राप्त अवैध धन से किया गया। ED के अनुसार, सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण पर 68 लाख रुपये, हरीश कवासी के घर पर 1.40 करोड़ रुपये और लखमा के रायपुर स्थित घर पर 2.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इन संपत्तियों को अपराध की आय (Proceeds of Crime) के रूप में कुर्क किया गया है।
कवासी लखमा की गिरफ्तारी और कांग्रेस का जवाब
कवासी लखमा, जो कोंटा (सुकमा जिला) से सात बार के विधायक हैं, को जनवरी 2025 में ED ने गिरफ्तार किया था। वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। ED ने दावा किया कि लखमा ने आबकारी विभाग के अधिकारियों इकबाल खान और जयंत देवांगन की मदद से रिश्वत के पैसे जुटाए। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे बीजेपी की सियासी साजिश करार दिया है। कांग्रेस के मीडिया सेल अध्यक्ष सुषील आनंद शुक्ला ने कहा कि सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण का पूरा खर्च पार्टी ने वहन किया है और हर रुपये का हिसाब चेक के जरिए भुगतान और ऑडिट के साथ मौजूद है।
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