
chhattisgarh में RSS का शताब्दी वर्ष समारोह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी, और 2025 से 2026 तक चलने वाले इस शताब्दी वर्ष को पूरे देश में ऐतिहासिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी RSS की इकाइयां इस अवसर को भव्य बनाने की दिशा में सक्रिय हैं, जिसमें युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में पथ संचलन, कार्यशालाएं, जनसंपर्क अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है

छत्तीसगढ़ में प्रमुख तैयारियां और कार्यक्रम
छत्तीसगढ़ RSS प्रांत की ओर से शताब्दी वर्ष को ‘राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन’ का रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में लगभग 6,000 शाखाओं के माध्यम से हर गांव, बस्ती और घर तक पहुंचने का अभियान चलाया जा रहा है।
• पथ संचलन और उत्सव: विजयादशमी (2 अक्टूबर 2025) से शुरू होकर पूरे वर्ष चलने वाले पथ संचलनों में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में भाग लेंगे। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर आयोजन हो चुके हैं, जहां हजारों स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकात्मता का प्रदर्शन किया। उदाहरणस्वरूप, मार्च 2025 में रायपुर में मध्य भारत क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना और प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा ने पत्रकार वार्ता में इनकी घोषणा की। रायगढ़ में सितंबर 2025 में आयोजित पथ संचलन में स्थानीय विधायक ओ.पी. चौधरी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
• कार्यशालाएं और प्रशिक्षण: दुर्ग में सितंबर 2025 में इन्फ्लुएंसर्स के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जहां सोशल मीडिया के माध्यम से शताब्दी वर्ष का प्रचार-प्रसार करने पर चर्चा हुई। प्रांत प्रचार प्रमुख ऋषभ ने बताया कि युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सात बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा, जिसमें डिजिटल कैंपेन और बौद्धिक सत्र शामिल हैं। इसी क्रम में, जून 2025 में कोरबा में संघ शिक्षा वर्ग का समापन समारोह हुआ, जहां युवा स्वयंसेवकों को राष्ट्रहित के कार्यों के लिए प्रेरित किया गया।
• जनसंपर्क और सेवा अभियान: शताब्दी वर्ष में ‘घर-घर संपर्क’ अभियान के तहत साहित्य वितरण, हिंदुत्व पर गोष्ठियां और बस्ती-स्तरीय सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 6,35,000 गांवों तक पहुंचने का लक्ष्य है, जिसमें युवाओं को सेवा कार्यों (जैसे पर्यावरण संरक्षण और गो-रक्षा) से जोड़ा जा रहा है। फरवरी 2025 में रायपुर में भगवती साहित्य संस्थान के उद्घाटन में RSS के माननीयों ने युवा भागीदारी पर जोर दिया।

युवाओं पर विशेष फोकस
RSS का शताब्दी वर्ष युवा सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर मनाया जा रहा है, क्योंकि संगठन का मानना है कि राष्ट्र का भविष्य युवाओं के हाथों में है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान ‘पंच परिवर्तन’ (व्यक्ति, परिवार, समाज, पर्यावरण और राष्ट्र निर्माण) पर जोर दिया, जिसमें युवाओं को ‘सत्संग’ अभियान के माध्यम से संस्कारित किया जाएगा।
यह फोकस न केवल युवाओं को अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित कर रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां युवा बेरोजगारी और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, उन्हें सेवा और नेतृत्व के अवसर प्रदान कर रहा है। RSS का दावा है कि इससे समाज में ‘नवचेतना’ का संचार होगा।
राष्ट्रीय संदर्भ में छत्तीसगढ़ की भूमिका
राष्ट्रीय स्तर पर शताब्दी समारोह भव्य हैं—1 अक्टूबर 2025 को दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी ने स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया, जबकि नागपुर में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि बने। अयोध्या में भी बड़े आयोजन हुए। छत्तीसगढ़ इनका अभिन्न हिस्सा है, जहां RSS की मजबूत उपस्थिति (प्रदेश स्तर पर सक्रिय इकाइयां) ने इसे ‘मध्य भारत का हृदय’ बनाने का माध्यम दिया है।
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