
छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों का हड़ताल आंदोलन: 500 से अधिक कर्मचारियों ने दिया सामूहिक त्यागपत्र
अंबिकापुर, 9 सितंबर 2025: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने 25 साथी कर्मचारियों की बर्खास्तगी के विरोध में प्रदेशभर में अपना प्रदर्शन और तेज कर दिया है। सोमवार को छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में NHM कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सामूहिक त्यागपत्र सौंपा। सरगुजा जिले के 500 से अधिक NHM कर्मियों ने भी इस आंदोलन में भाग लेते हुए हड़ताल समर्थन स्वरूप अपना इस्तीफा दिया।

एनएचएम संघ की जिलाध्यक्ष शिल्पी राय ने कहा कि सरकार ने बिना कारण 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिससे कर्मचारियों में रोष भड़क गया है। कर्मचारी 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं और अब तक लगभग 16,000 से अधिक NHM कर्मियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बर्खास्तगी वापस नहीं ली जाती और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस हड़ताल के कारण छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है, खासकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच और चिकित्सीय व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी नई व्यवस्थाएं बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. जेके रेलवानी ने बताया कि शासन की बार-बार अपील के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। हड़ताल के चलते सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं, जिससे आम जनता को काफी परेशानी हो रही है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, कार्य की स्थिरता और बेहतर सुविधाएं शामिल हैं। एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि उनके 10 सूत्रीय मांग पत्र के खिलाफ किसी गंभीर कदम नहीं उठाए गए और बीते कई महीनों से उनकी समस्याओं को अनसुना किया गया।
सरकार ने कुछ मांगों को स्वीकार किया है और एक समिति का गठन किया गया है जो अन्य मांगों की समीक्षा कर रही है, लेकिन कर्मचारियों का आंदोलन अभी भी जारी है।
यह हड़ताल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की सेवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है और आगामी दिनों में सरकार और कर्मचारियों के बीच समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्य तथ्य
- 25 NHM कर्मचारियों की बर्खास्तगी के विरोध में हड़ताल लगातार 22 दिन से जारी है।
- लगभग 16,000 से अधिक कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है।
- स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, खासकर प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
- कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण, वेतन सुधार, और बेहतर कार्यस्थल शामिल हैं।
- सरकार ने कुछ मांगों को स्वीकार कर समीक्षा समिति बनाई है।
- आंदोलन जारी, सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद अपेक्षित।
यह स्थिति छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र पर गहरा असर डाल रही है और आम जनता के लिए सेवा उपलब्धता चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
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