
Chhattisgarh में मानसून विदाई: Raipur समेत कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट,
रायपुर, 6 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन का अंतिम चरण चल रहा है, लेकिन विदाई से पहले एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के बस्तर संभाग सहित कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, मनेन्द्रगढ़ और जगदलपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 115 मिमी से अधिक वर्षा होने की आशंका है, जो बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा सकती है। रायपुर जिले में भी मध्यम से भारी बारिश के साथ बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मानसून की वापसी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन निम्न दाब का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी से सक्रिय होने के कारण वर्षा गतिविधियां तेज हो गई हैं। पिछले दो दिनों से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। रायपुर में सुबह से ही हल्की फुहारें गिर रही हैं, जबकि बस्तर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वर्षा का अंतिम दौर हो सकता है, लेकिन इस दौरान सतर्क रहना जरूरी है।
प्रभावित जिलों में बारिश का पूर्वानुमान
बस्तर संभाग के जिले: नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी है। यहां जंगली इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी मंडरा रहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों की मिट्टी पहले से ही संतृप्त है। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
उत्तर-पूर्वी जिले: बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा और मनेन्द्रगढ़ में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन जिलों में खरीफ फसलों को फायदा तो होगा, लेकिन अधिक वर्षा से नुकसान की आशंका भी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलें सुरक्षित रखें।

दक्षिणी जिले: जगदलपुर सहित आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ वर्षा जारी रहेगी। यहां औसतन 50-100 मिमी बारिश रिकॉर्ड हो सकती है।
रायपुर और आसपास: राजधानी रायपुर में मध्यम वर्षा (20-50 मिमी) के साथ बिजली चमकने की संभावना है। हालांकि, बिलासपुर और दुर्ग संभागों में हल्की वर्षा ही दर्ज होगी।
मानसून की वापसी: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के निदेशक डॉ. ए.के. श्रीवास्तव ने बताया, “छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में विकसित हुए चक्रवाती परिसंचरण के कारण वर्षा का एक अंतिम दौर आ गया है। अगले 48 घंटों में यह गतिविधि कमजोर पड़ जाएगी, लेकिन उत्तरी भारत में ठंड की दस्तक जल्द ही मिलेगी।” राज्य में इस मानसून सीजन में औसत से 15% अधिक वर्षा दर्ज हुई है, जिससे जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है और सिंचाई के लिए अच्छा संकेत है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।
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