
Chhattisgarh: Bilaspur में डिजिटल विज्ञापन के झांसे में 30 लाख की ठगी, मेडिकल कॉलेज एडमिशन का लालच देकर धोखाधड़ी
बिलासपुर में सोशल मीडिया पर डिजिटल विज्ञापन देखकर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के चक्कर में एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये की ठगी हो गई। ठगों ने खुद को पुणे की एजुकेशन कंसल्टेंसी का बताकर विश्वास जीता और पैसे ऐंठ लिए। पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना डिजिटल फ्रॉड की बढ़ती समस्या को उजागर करती है।

ठगी का तरीका
व्यापार विहार रोड, सांई शरण निवासी हेमंत मोदी ने सोशल मीडिया पर एक प्रतिष्ठित कॉलेज में सीधे एडमिशन का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर गौरव झा नामक व्यक्ति से बात हुई। गौरव ने हेमंत के बेटे अर्चित मोदी के एडमिशन के लिए चर्चा की। इसके बाद गौरव झा और उसके साथी विनीत सिंह हेमंत के व्यापार विहार ऑफिस पहुंचे। उन्होंने खुद को पुणे की एजुकेशन कंसल्टेंसी का बताया और वडगांव, पुणे (महाराष्ट्र) में मुख्य कार्यालय होने की बात कही। ठगों ने नामी कॉलेजों में एडमिशन कराने का झांसा दिया और भर्ती प्रक्रिया समझाई। विश्वास जीतने के बाद उन्होंने 30 लाख रुपये की मांग की, जो हेमंत ने विभिन्न किस्तों में ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित हेमंत मोदी ने जब एडमिशन नहीं हुआ तो ठगों से संपर्क किया, लेकिन वे गायब हो चुके थे। शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने गौरव झा, विनीत सिंह और उनकी कथित कंसल्टेंसी के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की। पुलिस टीम ठगों की तलाश कर रही है और उनके बैंक अकाउंट्स की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि डिजिटल फ्रॉड के ऐसे मामलों में साइबर सेल की मदद ली जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
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