
छत्तीसगढ़ में बिजली Bill की मार, Half योजना बंद होने से तीन गुना बढ़ा Bill
छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 अगस्त 2025 से बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया है। पहले यह योजना 400 यूनिट तक की खपत पर आधे बिल की छूट देती थी, लेकिन अब यह छूट केवल 100 यूनिट तक ही सीमित कर दी गई है। बिजली काटने का पूरा बिल अब खपत के हिसाब से देना होगा। साथ ही, बिजली बिल में पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPC) शुल्क भी लिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को दोहरा झटका लगा है।

बिल में वृद्धि का कारण
राज्य में जुलाई से प्रति यूनिट बिजली की कीमत में 14 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।
अगस्त की उमस भरी गर्मी में कूलर और एसी का बढ़े हुए उपयोग से खपत ज्यादा हुई।
हाफ योजना का प्रभाव अब सिर्फ कम खपत (100 यूनिट तक) वाले उपभोक्ताओं को ही मिलेगा जबकि अधिकांश परिवार इससे बाहर हैं।
उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव
अधिकतर उपभोक्ताओं का बिजली बिल सितंबर में दो से तीन गुना बढ़ गया है। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ गया है। राजधानी रायपुर के कई नागरिकों ने इस वृद्धि को “लूट” करार दिया है और सरकार से राहत की मांग की है।
सरकार की योजना और विपक्ष की प्रतिक्रिया
बिजली विभाग पीएम सूर्यघर योजना के तहत छत पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दे रहा है, जिससे बिजली की बचत हो सके।
विपक्षी कांग्रेस ने हाफ योजना बंद करने का विरोध करते हुए इसे जनता के साथ धोखा बताया है।
कांग्रेस का कहना है कि बिजली की बढ़ती कीमतों ने आम जनता और किसानों की कमर तोड़ दी है।

सुझाव
उपभोक्ताओं को बिजली बचाने और मांग कम करने के लिए सोलर एनर्जी जैसे पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाने की ओर भी प्रेरित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बिजली की लागत कम की जा सके।
यह बदलाव छत्तीसगढ़ के करीब 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका है, जिसमें से 31 लाख ऐसे परिवार हैं जो 100 यूनिट से कम बिजली की खपत करते हैं और उन्हें राहत मिलती रहेगी। बाकी जनता अब पूरी बिजली का बिल चुकाने के लिए बाध्य होगी।
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