
Chhattisgarh में बचत उत्सव फीका, बिजली बिल बढ़ने से उपभोक्ताओं में नाराजगी
रायपुर, 25 सितंबर 2025 भारत सरकार ने पूरे देश में जीएसटी दर कम कर बचत उत्सव मनाने का अभियान चलाया, लेकिन छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को बिजली बिल बढ़ने के कारण इसका लाभ महसूस नहीं हुआ।

बिजली बिल का वास्तविक प्रभाव
- छत्तीसगढ़ सरकार की हॉफ बिजली बिल योजना का दायरा सीमित कर दिया गया।
- प्रदेश के लगभग 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सितंबर माह में दोगुना से ज्यादा बिजली बिल का सामना करना पड़ा।
- उदाहरण के तौर पर, 400 यूनिट बिजली का बिल पहले लगभग 1,000 रुपये आता था, लेकिन अब यह बढ़कर 2,100 रुपये से अधिक हो गया।
- यानी, 1,100 रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ा।
जीएसटी छूट के बावजूद बचत नहीं
खाने-पीने, कपड़े और अन्य चीजों में मिली जीएसटी छूट की तुलना में, बिजली बिल बढ़ोतरी का बोझ अधिक पड़ा।
इस कारण, छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार के बचत उत्सव अभियान की चमक फीकी पड़ गई।
अब उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से अधिक खपत पर बिल चुकाना पड़ रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस, ने इसे सरकार के खिलाफ मुद्दा बना लिया।
बिजली कार्यालयों और सार्वजनिक जगहों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि यह कदम आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला है।
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