
छत्तीसगढ़ के पूर्व CM के बेटे की गिरफ्तारी पर प्रियंका गांधी का हमला: ‘लोगों की आवाज दबाने की साजिश’
प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर आरोप
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार, 19 जुलाई 2025 को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी को ‘लोगों की आवाज को कुचलने’ और ‘विपक्ष को दबाने’ की रणनीति करार दिया। प्रियंका ने अपने एक्स पोस्ट में दावा किया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ विधानसभा में जंगलों को अडानी समूह को सौंपे जाने का मुद्दा उठाने वाले थे।
ईडी की कार्रवाई और शराब घोटाले का मामला
प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को भिलाई, दुर्ग जिले में उनके आवास पर छापेमारी के बाद हिरासत में लिया। यह गिरफ्तारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई, जिसमें ईडी ने चैतन्य को 2,161 करोड़ रुपये के घोटाले का ‘लाभार्थी’ बताया। एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। चैतन्य को पांच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया गया है।

प्रियंका का बयान: ‘सच को दबाना असंभव’
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कहा, “पिछले 11 वर्षों में देश ने समझ लिया है कि ये लोगो की आवाज को कुचलने और विपक्ष को दबाने के हथकंडे हैं। लेकिन ऐसे हथकंडों से सच को दबाना या विपक्ष को डराना असंभव है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ के जंगलों को अडानी समूह को सौंप दिया, जिससे पेसा कानून और एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है। प्रियंका ने कहा कि हर कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेश बघेल के साथ मजबूती से खड़ा है।
भूपेश बघेल और कांग्रेस का विरोध
चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद, भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह न्यायपालिका पर भरोसा रखते हैं और सहयोग करेंगे, लेकिन यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। कांग्रेस विधायकों ने इस गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया और इसे विपक्ष को परेशान करने की कोशिश बताया। भूपेश बघेल ने यह भी उल्लेख किया कि यह छापेमारी उनके बेटे के जन्मदिन के दिन हुई, जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिया गया ‘उपहार’ करार दिया।
राजनीतिक विवाद और जांच का भविष्य
इस गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया है। ईडी ने दावा किया कि चैतन्य बघेल ने इस घोटाले से जुड़े दो फर्मों के जरिए 16.70 करोड़ रुपये प्राप्त किए, जिसमें से 4.5 करोड़ रुपये बकाया हैं। जांच में अब तक 205 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, और कई अन्य लोगों, जिसमें पूर्व मंत्री कवासी लखमा और अन्य नौकरशाह शामिल हैं, को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जनता को इस घोटाले की जानकारी थी और जांच एजेंसियां सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।
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