
छत्तीसगढ़ का सियासी सोमवार: रायपुर में मल्लिकार्जुन खड़गे का वॉर, मैनपाट में बीजेपी ने लगाई क्लास
रायपुर, 07 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज सियासी माहौल गरम रहा। एक तरफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साइंस कॉलेज मैदान में ‘किसान-जवान-संविधान जनसभा’ को संबोधित कर राज्य की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला, तो दूसरी तरफ मैनपाट में बीजेपी ने अपने प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया। दोनों पार्टियों की इन गतिविधियों ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
खड़गे का रायपुर में जोरदार हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रायपुर में आयोजित जनसभा में केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों और जवानों की अनदेखी हो रही है, और संविधान को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। खड़गे ने बीजेपी पर पूंजीपतियों के हित में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य को “दिल्ली के रिमोट कंट्रोल” से चलाया जा रहा है। इस सभा में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज भी मौजूद रहे। खड़गे के भाषण को ऐतिहासिक बताते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि यह जनसभा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वापसी का बिगुल है। सभा की तैयारियों को लेकर बारिश ने कुछ व्यवधान जरूर पैदा किया, लेकिन भारी भीड़ ने कांग्रेस के दावे को मजबूती दी।
मैनपाट में बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन
दूसरी ओर, मैनपाट में बीजेपी ने अपने महाशिविर का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ध्वज फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस शिविर में मोबाइल फोन पर पूरी तरह पाबंदी रही, जिसे बीजेपी ने संगठनात्मक अनुशासन का हिस्सा बताया। शिविर का समापन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगमन के साथ होगा। बीजेपी नेताओं ने इस शिविर को 2023 के विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद संगठन को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि यह शिविर कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और रणनीति प्रदान करेगा। मैनपाट के इस आयोजन को बीजेपी ने कांग्रेस के रायपुर कार्यक्रम के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
सियासी बयानबाजी ने बढ़ाया तापमान
खड़गे के दौरे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने खड़गे के दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ सनातनी परंपराओं का अपमान करने वालों का स्वागत नहीं करता।” जवाब में दीपक बैज ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता कांग्रेस के साथ है और बीजेपी की नीतियों से त्रस्त है। सियासी जानकारों का मानना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत (54 सीटें) के बाद भी कांग्रेस अपनी जमीन वापस लेने की कोशिश में है, और खड़गे की सभा इसका हिस्सा है।
आगे क्या?
छत्तीसगढ़ की सियासत में यह सोमवार दोनों पार्टियों के लिए अपनी ताकत दिखाने का मौका रहा। जहां कांग्रेस ने खड़गे की सभा के जरिए जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की, वहीं बीजेपी ने मैनपाट में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों की रणनीतियां और बयानबाजी छत्तीसगढ़ की सियासत को और गर्म रखने वाली हैं।
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