
Chhattisgarh जेल में बंद शिक्षक निलंबित, Pacso Act के तहत गिरफ्तारी से सनसनी
महासमुंद, 11 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक शर्मनाक घटना ने शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। सरकारी प्राथमिक शाला सोनामुंदी में तैनात सहायक शिक्षक (एल.बी.) ज्योतिष कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोपी शिक्षक वर्तमान में 48 घंटे से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत उनकी गिरफ्तारी की तिथि से ही प्रभावी हो गई है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बसना कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज्योतिष कुमार साहू पर गंभीर आरोप लगे हैं। थाना बसना में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा किशोरों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पॉक्सो एक्ट बच्चों और नाबालिगों के खिलाफ यौन शोषण और अपराधों से निपटने वाला एक कठोर कानून है, जो ऐसे अपराधियों को सख्त सजा का प्रावधान करता है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला स्कूल परिसर या उसके आसपास घटित होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के उपनियम (2)(क) के अनुसार, किसी सरकारी कर्मचारी की गिरफ्तारी होने पर निलंबन आदेश स्वतः प्रभावी हो जाता है। इस नियम का उद्देश्य सरकारी सेवा की अखंडता बनाए रखना और जांच प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाना है। बीईओ बसना ने बताया कि निलंबन आदेश जारी करते ही आरोपी शिक्षक को सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है, और उनका वेतन आधी सैलरी पर सीमित हो गया है। जांच पूरी होने तक यह निलंबन जारी रहेगा।

यह घटना महासमुंद जिले के बसना विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। सोनामुंदी प्राथमिक शाला एक ग्रामीण क्षेत्र की सरकारी संस्था है, जहां मुख्य रूप से नाबालिग छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटना से अभिभावकों में भय का माहौल है, और वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “शिक्षक पर ही इतना विश्वास होता है, अगर वे ही सुरक्षित न रखें तो बच्चे कहां जाएं? प्रशासन को ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। थाना बसना के प्रभारी अधिकारी ने पुष्टि की कि पीड़ित बच्चे की पहचान और बयान दर्ज किए जा चुके हैं, तथा आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पॉक्सो एक्ट के तहत ऐसे अपराधों की सजा 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है। जिला शिक्षा विभाग ने भी इस घटना पर गंभीरता जताते हुए सभी स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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