
Chhattisgarh High Court ने खारिज की री-एजेंट घोटाले में संलिप्त अधिकारियों की जमानत याचिका
छत्तीसगढ़ में 400 करोड़ के घोटाले में मुख्य सूत्रधार शशांक चोपड़ा की जमानत भी सुप्रीम कोर्ट से खारिज
रायपुर, 16 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के चर्चित री-एजेंट घोटाले में हाईकोर्ट ने सोमवार को एक और बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले में संलिप्त सीजी एमएससी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अनिल परसाई और असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बसंत कौशिक की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले, इस घोटाले के मुख्य सूत्रधार और मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को खारिज कर दी थी।

घोटाले में छह आरोपी जेल में
री-एजेंट घोटाला, जिसकी अनुमानित राशि 400 करोड़ रुपये बताई जा रही है, में मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा सहित छह आरोपी वर्तमान में जेल में हैं। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विवेचना पूरी कर चालान पेश कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी है।

जमानत याचिकाओं का दौर
घोटाले में गिरफ्तारी के बाद शशांक चोपड़ा, सीजी एमएससी, और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों ने नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद शशांक चोपड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां भी उसे राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई में डॉ. अनिल परसाई और बसंत कौशिक की जमानत याचिकाओं को भी खारिज कर दिया गया।
400 करोड़ का घोटाला, जांच में तेजी
री-एजेंट घोटाला छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और दवा आपूर्ति से जुड़ा एक बड़ा मामला है। इस घोटाले में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियां इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं। कोर्ट के इस फैसले से घोटाले में संलिप्त लोगों पर कानूनी शिकंजा और सख्त होने की उम्मीद है।
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