
Chhattisgarh: Durg पंचायत सदस्य ने निधि वितरण पर उठाए सवाल, केंद्र ने वित्त आयोग को सौंपा मामला
दुर्ग, 10 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जनपद पंचायत के एक सदस्य ने पंचायतों के लिए आवंटित निधि के वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इस मामले ने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ा है।

पत्र में संवैधानिक उल्लंघन का आरोप
8 जुलाई को लिखे गए पत्र में पंचायत सदस्य ने दावा किया कि निधि का वितरण संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 15 (भेदभाव का निषेध) का उल्लंघन करता है। पत्र में कहा गया कि कुछ पंचायतों को निधि आवंटन में प्राथमिकता दी गई, जबकि अन्य को उपेक्षित किया गया, जो पारदर्शिता और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है।
केंद्र सरकार ने वित्त आयोग को सौंपा मामला
इस गंभीर आरोप के जवाब में, केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने मामले को 15वें वित्त आयोग के पास भेजा है। मंत्रालय ने आयोग से इस मुद्दे की गहन जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। यह कदम पंचायती राज व्यवस्था में निधि वितरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा
पंचायत सदस्य के इस पत्र ने दुर्ग जिले में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। स्थानीय प्रतिनिधियों और नागरिकों का कहना है कि निधि वितरण में यदि कोई अनियमितता है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास की रीढ़ है, और इसमें पारदर्शिता का अभाव व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
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