
Chhattisgarh: Deputy CM के घर के बाहर महिला ने फिनाइल पीकर दी जान देने की कोशिश, अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा था प्रदर्शन
रायपुर में अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने शुक्रवार को उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक महिला ने डिप्टी सीएम और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के घर के बाहर फिनाइल पीकर जान देने की कोशिश की। महिला की पहचान अश्वनी सोनवानी के रूप में हुई है, जो जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली हैं और जिला यूनियन की अध्यक्ष भी हैं। गंभीर हालत में उन्हें मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

307 दिनों से जारी है प्रदर्शन
दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मी अनुकंपा संघ पिछले 307 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। शुक्रवार को कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, मंत्री के मौजूद न होने पर प्रदर्शनकारी महिलाएं धरने पर बैठ गईं। दोपहर करीब 2 बजे जब महिला पुलिसकर्मी उन्हें हटाने पहुंचीं, तभी अश्वनी ने बैग से फिनाइल की बोतल निकाली और उसे पीने की कोशिश की। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया।
प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने पुलिस को चेतावनी दी थी, “जबरदस्ती करोगे तो फिनाइल पी लेंगे।” इसके बाद अश्वनी ने यह खतरनाक कदम उठाया।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस ने इस घटना के लिए राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का कहना है कि सरकार की असंवेदनशीलता और अनदेखी के कारण अश्वनी को यह कदम उठाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी वादों में अनुकंपा नियुक्ति देने का भरोसा दिया था, लेकिन दो साल बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

10 साल पुराना है आंदोलन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन कोई नया नहीं है। यह भाजपा के पिछले शासनकाल में भी शुरू हुआ था, लेकिन तब भी केवल आश्वासन ही मिले। कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उनकी मांगों को अनसुना किया। उस समय महिलाओं ने सामूहिक मुंडन और अर्थी सजाकर विरोध दर्ज कराया था। अब वर्तमान भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

परिवार ने बयां किया दर्द
अश्वनी की बेटी ने बताया, “पापा की मृत्यु 2017 में हो गई थी। तब से हम आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मां पिछले दो दिनों से मेरे और मेरे भाई के साथ रायपुर में प्रदर्शन कर रही थीं। नौकरी नहीं मिली, न ही कोई मदद। इसी हताशा में मां ने यह कदम उठाया।”
नियमों में प्रावधान, फिर भी नहीं मिल रही नियुक्ति
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिनके परिजन संविलियन से पहले दिवंगत हो गए थे, उन्हें अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिला है, जबकि नियमों में इसका स्पष्ट प्रावधान है। उनकी मांग है कि सरकार तत्काल इस मुद्दे पर कार्रवाई करे और प्रभावित परिवारों को न्याय दे
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