
Chhattisgarh : बालोद बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला
बालोद। छत्तीसगढ़ का बालोद जिला पूरे देश में मिसाल कायम करते हुए भारत का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बन गया है। प्रशासन और समाज की संयुक्त कोशिशों के चलते पिछले दो वर्षों से जिले में एक भी बाल विवाह का मामला दर्ज नहीं हुआ है।

कैसे मिली सफलता?
- जिला प्रशासन ने पंचायतों, स्कूलों और सामाजिक संगठनों की मदद से जागरूकता अभियान चलाए।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और पंचायत प्रतिनिधियों को बाल विवाह रोकने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
- विवाह पंजीकरण की सख्त निगरानी की गई और पुलिस-प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया।
- बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और कन्या सुमंगल जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
जिला प्रशासन की पहल
जिले के हर ग्राम पंचायत में बाल विवाह रोकथाम समिति बनाई गई।
हेल्पलाइन नंबर और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र शुरू किया गया।
बाल विवाह रोकने वाले नागरिकों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया।

दो साल से नहीं हुआ कोई मामला
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में बालोद जिले में एक भी बाल विवाह दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि प्रशासन और समाज के बीच समन्वय का नतीजा मानी जा रही है।
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