
Chhattisgarh:140 करोड़ के कस्टम मिलिंग घोटाले में आरोपी रोशन चंद्राकर को मिली जमानत
रायपुर, 23 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े कस्टम मिलिंग घोटालों में से एक में नामजद आरोपी रोशन चंद्राकर को आज बिलासपुर हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। यह घोटाला करीब 140 करोड़ रुपये का माना जा रहा है, जिसमें चावल मिलिंग और सरकारी सब्सिडी के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है, जबकि आरोपी के समर्थकों ने इसे न्यायिक जीत बताया।

घोटाले का पूरा खुलासा: चावल मिलिंग में कैसे हुआ करोड़ों का खेल?
कस्टम मिलिंग घोटाला छत्तीसगढ़ के खाद्य विभाग से जुड़ा है, जहां सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी का दुरुपयोग किया गया। रोशन चंद्राकर, जो एक प्रमुख मिलर और राजनीतिक हस्ती के रूप में जाना जाते हैं, पर आरोप है कि उन्होंने नकली बिल और हेराफेरी से 140 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। जांच के अनुसार, 2018 से 2023 के बीच चंद्राकर ने कई मिलों के माध्यम से सरकारी अनाज की मिलिंग का ठेका लिया और सब्सिडी का गलत लाभ उठाया।

ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच में पाया गया कि चंद्राकर ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये हड़प लिए। इस मामले में 15 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन चंद्राकर लंबे समय से फरार थे। घोटाले की जड़ें छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ी बताई जा रही हैं, जहां मिलिंग व्यवसाय और चुनावी फंडिंग का गठजोड़ सामने आया।
कोर्ट का फैसला: सशर्त जमानत, लेकिन जांच जारी
बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने रोशन चंद्राकर की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद सशर्त जमानत मंजूर की। जस्टिस रवि कुमार दीवान और जस्टिस संजय एस. परकर की बेंच ने फैसले में कहा कि आरोपी को 50 लाख रुपये का जमानत बांड भरना होगा और जांच में पूर्ण सहयोग करना होगा। साथ ही, उन्हें राज्य से बाहर बिना अनुमति के नहीं जाना होगा।
चंद्राकर के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं और यह राजनीतिक साजिश है। दूसरी ओर, सरकारी वकील ने विरोध जताया, लेकिन कोर्ट ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए जमानत दे दी। यह फैसला घोटाले की जांच को नई दिशा दे सकता है।
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