
Chhattisgarh की जेलों में क्षमता से 5600 कैदी ज्यादा, रायपुर में जल्द बनेगा नया विशेष जेल
रायपुर, 12 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ की जेलों में कैदियों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक होने के कारण अमानवीय परिस्थितियों का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य की जेलों में कुल 14,500 कैदियों की क्षमता है, लेकिन वर्तमान में 20,000 से अधिक कैदी बंद हैं। यानी, जेलों में क्षमता से लगभग 5600 कैदी अतिरिक्त हैं। इस स्थिति ने जेल प्रशासन और राज्य सरकार के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।

अदालत में हुई सुनवाई, जेल प्रशासन ने रखा पक्ष
सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में इस मुद्दे पर सुनवाई हुई। जेल महानिरीक्षक और पुलिस महानिदेशक ने अदालत को बताया कि जेलों में भीड़ को कम करने के लिए नई जेलों का निर्माण और पुरानी जेलों का विस्तार करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, कुछ जेलों में अतिरिक्त भवनों का निर्माण कार्य अधूरा है, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है।
रायपुर में बनेगा 200 कैदियों की क्षमता वाला विशेष जेल
कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रायपुर जिले में एक विशेष जेल के निर्माण का निर्णय लिया गया है। इस नई जेल में 200 कैदियों को रखने की क्षमता होगी। इस प्रोजेक्ट में पहले टेंडर रद्द होने और ठेकेदार न मिलने के कारण देरी हुई थी, लेकिन अब इसे अगले महीने से शुरू करने की योजना है। जेल प्रशासन ने दावा किया है कि यह विशेष जेल 16 सितंबर 2025 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
अदालत के कड़े निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जेलों में भीड़ कम करने और कैदियों की रहने की स्थिति में सुधार के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने और जेलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि कैदियों के मानवाधिकारों का ध्यान रखा जाए और उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में न रखा जाए।
कैदियों के लिए बेहतर सुविधाओं की दिशा में कदम
जेल प्रशासन का कहना है कि नई विशेष जेल के निर्माण से न केवल भीड़ की समस्या कम होगी, बल्कि कैदियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके साथ ही, पुरानी जेलों में भी सुधार कार्य किए जा रहे हैं ताकि वहां की स्थिति को बेहतर किया जा सके।
छात्रों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
जेलों की स्थिति को लेकर सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि जेलों में सुधार के लिए और अधिक पारदर्शिता और तेजी की जरूरत है। कई संगठनों ने मांग की है कि कैदियों को शिक्षा और पुनर्वास के अवसर भी प्रदान किए जाएं ताकि वे समाज में वापस लौटने के बाद बेहतर जीवन जी सकें।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



