
भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की Supreme Court में याचिका
मामला क्या है?
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को “कानून के विरुद्ध और असंवैधानिक” बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की है।
याचिका में मुख्य रूप से ये आरोप हैं कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) की कार्रवाई करते समय कानूनी प्रक्रिया का पूरा पालन नहीं किया।

गिरफ्तारी और मामला
चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ में कथित आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी का दावा है कि इस मामले में करोड़ों रुपये की अवैध लेनदेन हुई है, जिसमें कई कारोबारी, अधिकारी तथा राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं।
वर्तमान में वे रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक रिमांड पर बंद हैं और पहले बिलासपुर हाईकोर्ट तथा रायपुर की विशेष अदालत में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
याचिका में उठाये गए मुख्य बिंदु
याचिका में दावा किया गया है कि ईडी ने गिरफ्तारी के दौरान जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।
यह भी तर्क दिया गया है कि PMLA के कुछ प्रावधान नागरिकों के मौलिक अधिकार — विशेष रूप से संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) तथा अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार) — का उल्लंघन करते हैं, इसलिए उन्हें अवैध घोषित किया जाना चाहिए।
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