छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी: खतरनाक नक्सली दम्पत्ती ने डाले हथियार, 13 लाख का था इनाम
रायपुर, 19 जून 2025:
छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कुख्यात नक्सली दंपति, जीवन तुलावी (45) और उनकी पत्नी आगाशा उर्फ आरती कोर्राम (35), ने 18 जून 2025 को आत्मसमर्पण कर दिया। इस दंपति पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसमें जीवन पर 8 लाख और आगाशा पर 5 लाख रुपये शामिल थे।
25 साल से सक्रिय थे नक्सली गतिविधियों में
जीवन तुलावी, जिसे राम तुलावी के नाम से भी जाना जाता है, माओवादी संगठन के माड़ डिवीजन में डिवीजनल कमेटी सदस्य और शिक्षा टीम का कमांडर था। उनकी पत्नी आगाशा प्रेस टीम की सक्रिय सदस्य थी और नक्सली संगठन की प्रेस विज्ञप्तियां तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। दोनों पिछले 25 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में शामिल थे और कई हिंसक घटनाओं में उनकी संलिप्तता रही।
आत्मसमर्पण में अधिकारियों की मौजूदगी
आत्मसमर्पण की प्रक्रिया रायपुर से करीब 180 किलोमीटर दूर राजनांदगांव रेंज में हुई। इस दौरान राजनांदगांव रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजी) अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक (एसपी) वाई पी सिंह, और 27वीं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के कमांडेंट विवेक कुमार पांडे मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को झटका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस दंपति का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि दोनों माड़ डिवीजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। यह कदम केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। सुरक्षाबल अब अन्य नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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