
छत्तीसगढ़ में हंगामा: अमित जोगी और 1173 समर्थक हिरासत में, अजीत जोगी की मूर्ति विवाद
पेंड्रा में तनावपूर्ण स्थिति
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बुधवार को उस समय माहौल गरम हो गया, जब जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी ने अपने 1173 समर्थकों के साथ मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की मूर्ति ज्योतिपुर चौक पर स्थापित करने का प्रयास किया। प्रशासन की अनुमति के बिना इस कदम को अवैध बताते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सभी को अस्थायी रूप से हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को लाल बंगला में बनाए गए अस्थायी जेल में रखा गया, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
मूर्ति चोरी से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला 25 मई को शुरू हुआ, जब ज्योतिपुर चौक पर लगी अजीत जोगी की मूर्ति रातों-रात चोरी हो गई थी। गौरेला पुलिस ने मूर्ति को बरामद कर लिया था, लेकिन अमित जोगी ने प्रशासन को एक महीने के भीतर मूर्ति पुनः स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया था।

समयसीमा खत्म होने पर भी कोई कार्रवाई न होने से नाराज अमित जोगी और उनके समर्थकों ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन शुरू किया और मूर्ति स्थापना की कोशिश की। प्रशासन ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए रोक दिया।
अमित जोगी का गंभीर आरोप
हिरासत से रिहा होने के बाद अमित जोगी ने मीडिया से कहा, “मैंने कोई गलत काम नहीं किया। यह जमीन मेरी है, और मूर्ति मेरे पिता की है। मैंने लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह कदम उठाया।” उन्होंने इस घटना के पीछे जिले के आरएसएस प्रमुख के बेटे को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में वह व्यक्ति दिखाई दे रहा है। अमित ने आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “अब आरएसएस का मतलब ‘राक्षस समाज भक्षक संघ’ हो गया है।”
प्रशासन पर मूर्ति को ‘कैद’ करने का इल्जाम
अमित जोगी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके पिता की मूर्ति को “पिंजरे में कैद” कर रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी मां रेणु जोगी को भी प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि मूर्ति स्थापित की जाएगी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।

अमित ने ऐलान किया कि वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और बाबासाहेब अंबेडकर के स्मारक से आशीर्वाद लेकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
प्रशासन की कार्रवाई और शांति की अपील
पुलिस और जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाए। एसडीओपी दीपक मिश्रा ने बताया कि अमित जोगी और उनके समर्थकों को बीएस एक्ट की धारा 172 के तहत हिरासत में लिया गया था। प्रदर्शन में मरवाही के पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम वासुदेव, सागर सिंह बैंस सहित मुंगेली, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरबा और बस्तर से आए लोग शामिल थे। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को संभाला और सभी को मुचलके पर छोड़ दिया।
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