
चरोदा में तालाबों की दीवारें ढहने का सिलसिला, निगम ने एजेंसियों को थमाया नोटिस
भिलाई-3, चरोदा:
नगर निगम भिलाई-3 के अंतर्गत चरोदा में तालाबों के सौंदर्यीकरण के तहत बनाई जा रही दीवारें बार-बार ढह रही हैं। बुधवार को शांति नगर, भिलाई-3 के वार्ड 8 में बंधवा तालाब की दीवार एक बार फिर ढह गई। यह तीन दिनों में तालाबों की दीवारों के ढहने की चौथी घटना है। निगम प्रशासन ने निर्माण कार्य करने वाली दो एजेंसियों को नोटिस जारी किया है और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
तीन दिन में चौथी घटना
बंधवा तालाब में सौंदर्यीकरण के तहत पेवर ब्लॉक लगाने का काम चल रहा है। इसके साथ ही तालाब के कुछ हिस्सों में बैठने के लिए कुर्सियां और मंदिर के समीप शेड भी बनाया गया है। लेकिन तालाब की दीवारें दो जगह से ढह गईं। इसके दो दिन पहले वार्ड 9 में बमनीन तालाब की टो-वाल भी गिर गई थी। गुरुवार को निगम ने तालाब के पास लगी कुर्सियों को हटवा दिया, ताकि दीवारों के साथ कुर्सियां भी क्षतिग्रस्त न हों।
55% भुगतान, फिर भी गुणवत्ता पर सवाल
बंधवा और बमनीन तालाब के सौंदर्यीकरण पर 90-90 लाख रुपये की लागत आ रही है। निगम ने अब तक एजेंसियों को करीब 50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। भुगतान से पहले निगम के उप अभियंता और अभियंता कार्य की गुणवत्ता की जांच करते हैं। इसके बावजूद दीवारें ढह रही हैं, जिससे इंजीनियरों और सब-इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

निगम की कार्रवाई: नोटिस और जांच कमेटी
नगर निगम ने दीवारों के ढहने की घटनाओं के बाद दो एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही, तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपेगी। कार्यपालन अभियंता प्रकाश थवानी ने कहा, “दोनों एजेंसियों को नोटिस जारी किया गया है। जांच प्रतिवेदन जल्द तैयार कर आयुक्त को सौंपा जाएगा।”
जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, कार्रवाई की मांग
वार्ड 8 के पार्षद हेमंत वर्मा ने कहा, “निगम ने एजेंसियों को नोटिस देकर केवल खानापूर्ति की है। जिम्मेदार इंजीनियरों और अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।” वहीं, सांसद प्रतिनिधि विपिन चंद्राकर ने कलेक्टर से इस मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “निगम को केवल नोटिस देने से काम नहीं चलेगा। इन एजेंसियों को काली सूची में डालना चाहिए।”
गुणवत्ता पर ध्यान की जरूरत
तालाबों के सौंदर्यीकरण में हो रही लापरवाही से जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग नाराज हैं। बार-बार दीवारें ढहने से न केवल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि जनता के पैसे के दुरुपयोग का मुद्दा भी गंभीर हो गया है। निगम प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जरूरत है।
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