
CBI ने एमसीएल के चीफ मैनेजर को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा
क्या है पूरा मामला
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें अधिकारी पर जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे की राशि जारी करने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था।
मामला और शिकायत
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकारी का नाम अखिलेश कुमार वर्मा है, जो एमसीएल के बसुंधरा क्षेत्र में चीफ मैनेजर (माइनिंग) के रूप में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता रंजन पाधन ने आरोप लगाया कि वर्मा ने सुंदरगढ़ के हेमगिरी क्षेत्र में झुपुरुंगा के तहत सुझान पत्ता के घर के अधिग्रहण के लिए 11.37 लाख रुपये के मुआवजे की राशि जारी करने के लिए शुरुआत में 40,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के बाद यह राशि 30,000 रुपये पर तय हुई, जिसमें से 10,000 रुपये पहले ही 3 जुलाई को दे दिए गए थे।
सीबीआई की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद, सीबीआई ने एक जाल बिछाया और वर्मा को बुधवार को 20,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। सीबीआई ने बताया कि वर्मा ने शिकायतकर्ता से बाकी राशि के लिए संपर्क बनाए रखा और उन्हें अपने टिकलीपारा, सुंदरगढ़ स्थित आवास पर बुलाया। इसके बाद, सीबीआई ने छापेमारी की और वर्मा को हिरासत में ले लिया। अधिकारी को भुवनेश्वर ले जाया गया, जहां आगे की जांच चल रही है।
कानूनी कार्रवाई और जांच
वर्मा के खिलाफ सीबीआई ने बुधवार को मामला दर्ज किया था। उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद, उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने उनके कार्यालय और आवास पर छापेमारी की, जहां से आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई। जांच एजेंसी इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या अन्य लोग भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं।
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