
CBI को मिली बड़ी कामयाबी: UAI से भगोड़े हर्षित बाबूलाल जैन का प्रत्यर्पण, गुजरात Police को सौंपा गया
नई दिल्ली, 5 सितंबर 2025: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बार फिर अपनी जांच की ताकत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बदौलत बड़ी सफलता हासिल की है। गुजरात पुलिस, विदेश मंत्रालय, और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर सीबीआई ने वांछित भगोड़े हर्षित बाबूलाल जैन को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पित करने में सफलता प्राप्त की। हर्षित बाबूलाल जैन पर टैक्स चोरी, अवैध जुआ, और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप हैं, जिसके चलते वह लंबे समय से फरार था।

मामले की पृष्ठभूमि और सीबीआई की कार्रवाई
हर्षित बाबूलाल जैन गुजरात में कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ टैक्स चोरी, अवैध जुआ चलाने, और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। इन अपराधों के कारण वह कानून की पकड़ से बचने के लिए देश छोड़कर यूएई भाग गया था। गुजरात पुलिस ने इस मामले में सीबीआई से सहयोग मांगा, जिसके बाद सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
सीबीआई ने 9 अगस्त 2023 को इंटरपोल के माध्यम से हर्षित बाबूलाल जैन के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया था। यह रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भगोड़े को पकड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होता है, जो इंटरपोल के सदस्य देशों को संबंधित व्यक्ति की तलाश और गिरफ्तारी के लिए अलर्ट करता है। इस रेड नोटिस के बाद यूएई की जांच एजेंसियों और इंटरपोल के साथ मिलकर सीबीआई ने हर्षित को ट्रैक किया और उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया और अहमदाबाद में हस्तांतरण
लंबी कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया के बाद, सीबीआई ने यूएई की जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर हर्षित बाबूलाल जैन को प्रत्यर्पित करने में सफलता हासिल की। शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को हर्षित को यूएई से भारत लाया गया। उसे अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया, जहां सीबीआई ने उसे औपचारिक रूप से गुजरात पुलिस के हवाले कर दिया। गुजरात पुलिस अब हर्षित के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी, जिसमें उसके अपराधों की गहराई से जांच और अदालत में मुकदमा शामिल है।
सीबीआई और इंटरपोल का अंतरराष्ट्रीय सहयोग
यह प्रत्यर्पण सीबीआई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता का एक और उदाहरण है। हाल के वर्षों में, सीबीआई ने इंटरपोल और विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों के साथ मिलकर कई हाई-प्रोफाइल भगोड़ों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। 2021 से अब तक, इंटरपोल के सहयोग से 100 से अधिक भगोड़ों को भारत लाया गया है। इनमें आर्थिक अपराधियों जैसे विजय माल्या, नीरव मोदी, और मेहुल चोकसी जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोपों में वांछित हैं।

मामले का महत्व
हर्षित बाबूलाल जैन का प्रत्यर्पण न केवल सीबीआई और गुजरात पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह भारत की उस नीति को भी दर्शाता है, जो भगोड़े अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कटिबद्ध है। यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है, जो देश छोड़कर भागने की सोचते हैं। टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक और कानूनी व्यवस्था पर भी बुरा प्रभाव डालते हैं।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



