
Mumbai CBI कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: निजी फर्म के मालिक को चार साल की सजा और 25 Lakh रुपये का जुर्माना
मुंबई, 9 अक्टूबर 2025: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष कोर्ट ने एक बड़े बीमा धोखाधड़ी मामले में निजी फर्म के मालिक को चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी प्रवीण दघा को 25 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है। यह मामला मुंबई में दर्ज किया गया था, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए बीमा कंपनी से धन हड़पने का आरोप था।

मामला का पृष्ठभूमि
यह मामला 26 अगस्त 2018 को सीबीआई, मुंबई द्वारा दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि प्रवीण दघा, जो एम/एस प्रवीण एंड कंपनी के मालिक हैं, ने राष्ट्रीय बीमा कंपनी लिमिटेड (एनआईसीएल) के अधिकारियों के साथ मिलीभगत की। उन्होंने फर्जी दस्तावेज जमा करके 2019-2021 के दौरान बीमा धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इस दौरान उन्होंने स्टैंडर्ड फायर एंड स्पेशल पेरिल्स पॉलिसी के तहत गलत तरीके से मुआवजा प्राप्त किया।

जांच और सजा
सीबीआई की गहन जांच के बाद 20 दिसंबर 2018 को आरोप पत्र दायर किया गया। कोर्ट ने 11 अक्टूबर 2025 को प्रवीण दघा को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई और 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, इस मामले में शामिल एनआईसीएल के तीन अधिकारियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
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