
बुजुर्ग को बेटे की जमानत का झांसा देकर ठगा, पैसे और स्कूटी लेकर फरार
दुर्ग, 23 जून 2025
दुर्ग जिले में एक ठगी का मामला सामने आया है, जहां पेरोल पर जेल से बाहर आए हत्या के आरोपी ने कोर्ट परिसर में अपने ही क्षेत्र के एक बुजुर्ग को निशाना बनाया। ग्राम देमार निवासी संजू वैष्णव ने ग्राम रवेली के नंदन यादव (59 वर्ष) को उनके बेटे की जमानत कराने का झूठा झांसा देकर 1500 रुपये, स्कूटी और मोबाइल लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 316(2), 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
पाटन थाना प्रभारी अनिल साहू के अनुसार, नंदन यादव का बेटा ओमप्रकाश अनाचार के मामले में दुर्ग जेल में बंद है। 20 जून की सुबह करीब 10 बजे संजू वैष्णव, जो पेरोल पर जेल से बाहर आया था, नंदन के घर पहुंचा। उसने नंदन को बताया कि वह जेल से छूटकर आया है और उनके बेटे ओमप्रकाश की जमानत हो गई है। उसने नंदन को पैसे लेकर कोर्ट चलने के लिए कहा। भरोसा कर नंदन ने घर में रखे 1500 रुपये जेब में रखे और अपनी स्कूटी से संजू के साथ दुर्ग कोर्ट के लिए निकल गए।
कोर्ट परिसर में पहुंचकर संजू ने नोटरी कराने का बहाना बनाया और नंदन से 1500 रुपये ले लिए। इसके बाद उसने नंदन का मोबाइल फोन कॉल करने के लिए मांगा और स्कूटी को पार्किंग में खड़ा करने की बात कहकर वहां से फरार हो गया। कई घंटे इंतजार के बाद जब संजू वापस नहीं लौटा, तो नंदन को ठगी का अहसास हुआ।
जेल में बनी थी ठगी की योजना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि संजू का नंदन के बेटे ओमप्रकाश से जेल में परिचय हुआ था। जेल में रहते हुए संजू ने ओमप्रकाश के गांव और परिवार की जानकारी जुटाई। पेरोल पर बाहर आने के बाद उसने ठगी की योजना बनाई और नंदन को अपने जाल में फंसाया।
पुलिस की कार्रवाई
पाटन थाना प्रभारी ने बताया कि नंदन की शिकायत पर संजू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा किया है।
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