
Bilaspur:सड़क की रंगाई-पुताई से काम नहीं चलेगा…’ Raipur-Bilaspur Highway पर कोर्ट सख्त, सरकार को लगाई फटकार
बिलासपुर, 5 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक की सड़कों की जर्जर स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि सड़कों की सतही मरम्मत या रंगाई-पुताई से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरी सड़क का पुनर्निर्माण और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत जरूरी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सरकार की लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई।

सड़कों की खस्ता हालत पर कोर्ट का गुस्सा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे (NH-130) की बदहाल स्थिति को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि यह हाईवे प्रदेश की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसका उपयोग बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के लोग करते हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि जगह-जगह गड्ढे और दरारें दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “पांच साल से आप केवल स्टडी कर रहे हैं। क्या जनता की जान से खिलवाड़ करते रहेंगे?”
पैचवर्क और रंगाई-पुताई पर सवाल
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से दलील दी गई कि सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है और अध्ययन चल रहा है। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “पैचवर्क और रंगाई-पुताई से समस्या का समाधान नहीं होगा। पूरी सड़क को नए सिरे से बनाना होगा।” कोर्ट ने यह भी पूछा कि सड़क पर रखरखाव के नाम पर बेतरतीब ढंग से छोड़ा गया मलबा और निर्माण सामग्री हादसों का कारण क्यों बन रहा है।
जनता की जान खतरे में
हाईकोर्ट ने सड़कों की खराब स्थिति के कारण हो रहे हादसों पर गहरी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि गड्ढों और दरारों के कारण न केवल लोग घायल हो रहे हैं, बल्कि मवेशियों की भी जान जा रही है। बिलासपुर की पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की सड़क पर बड़े-बड़े क्रेक्स और अव्यवस्था के चलते हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कोर्ट ने सरकार से सवाल किया, “क्या सड़कें ठीक करने के लिए कोर्ट को हर बार हस्तक्षेप करना पड़ेगा?”
सरकार को दो सप्ताह में जवाब देने का आदेश
कोर्ट ने सरकार और NHAI को दो सप्ताह के भीतर सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट और फोटो के साथ शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, कोर्ट ने साफ किया कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सख्त आदेश जारी किए जाएंगे। रायपुर के धनेली एयरपोर्ट रोड और सेंदरी बाईपास पर प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज जैसे प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति पर भी कोर्ट ने नाराजगी जताई।
जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी
हाईकोर्ट ने NHAI और लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अगर सड़कों का नवीनीकरण तुरंत शुरू नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए फंड जारी होने की बात सरकार ने कही, लेकिन कोर्ट ने सवाल किया, “क्या इस फंड का सही उपयोग होगा या इसका दुरुपयोग होगा?”
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