
Bilaspur में बिना फायर सेफ्टी के पटाखा फैक्ट्री का संचालन , बारूद की ढेर पर बैठकर काम कर रहे मजदूर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नियमों को ताक पर रखकर पटाखा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। बताया गया कि इस फैक्ट्री को बिना फायर सेफ्टी मानकों का पालन किए लाइसेंस जारी कर दिया गया है। यह फैक्ट्री शहर से सटे ग्राम बैमा में स्थित है, जहां मजदूर खुले में बारूद के बीच पटाखों का निर्माण कर रहे हैं।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी
फैक्ट्री में बने केवल तीन छोटे-छोटे कमरों में मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के पटाखे तैयार कर रहे हैं। कमरे के भीतर बारूद के ढेर लगे हुए हैं, और मजदूर उसी के ऊपर बैठकर काम कर रहे हैं। न तो फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद हैं, न ही किसी प्रकार का आपातकालीन बचाव प्रबंध। यह स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

प्रशासन की लापरवाही
स्थानीय लोगों ने बताया कि फैक्ट्री में पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी जांच या कार्रवाई नहीं की गई। फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित विभागों द्वारा नियमों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
नियमों के अनुसार व्यवस्था जरूरी
सरकारी नियमों के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री और गोदामों के लिए कई सुरक्षा प्रावधानों का पालन आवश्यक है — जैसे फायर एक्सटिंग्विशर की उपलब्धता, सुरक्षा दूरी, और लाइसेंस के नवीनीकरण से पहले निरीक्षण। लेकिन बिलासपुर की इस फैक्ट्री में इनमें से कोई भी मानक पूरा नहीं किया गया है।
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