
Bilaspur मेडिकल व्यवसायी से 73 Lakh की ठगी, लोन दिलाने का लालच देकर धोखा
छत्तीसगढ़: बिलासपुर में एक मेडिकल व्यवसायी के साथ 73 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में एक अज्ञात निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी जिग्नेश त्रिवेदी पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित व्यवसायी की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

घटना की शुरुआत
यह घटना 12 फरवरी 2025 को शुरू हुई, जब मेडिकल व्यवसायी को एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक कथित निजी फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया और व्यवसायी को प्रधनमंत्री की कुछ योजनाओं के तहत 50 लाख तक के लोन की पेशकश की। लालच में आकर व्यवसायी ने इस ऑफर पर भरोसा कर लिया और आगे की प्रक्रिया के लिए सहमति दे दी।
ठगी का जाल
जिग्नेश त्रिवेदी ने व्यवसायी को लोन दिलाने के नाम पर 14 फरवरी को 19 हज़ार रुपये और 16 फरवरी को 35 हज़ार 700 रुपये ऑनलाइन जमा करने के लिए कहा। इसके बाद धीरे-धीरे ठगों ने व्यवसायी से कुल मिलाकर लगभग 73 लाख रुपये की राशि हासिल कर ली। ठगों ने लोन प्रक्रिया पूरी करने और अन्य योजनाओं के तहत अतिरिक्त लाभ दिलाने का झांसा देकर यह राशि ली।

पुलिस की कार्रवाई
जब व्यवसायी को शक हुआ और लोन की राशि नहीं मिली, तो उन्होंने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है, जिसमें फर्जी दस्तावेज और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने अब तक के साक्ष्यों के आधार पर जिग्नेश त्रिवेदी को हिरासत में लेने की कोशिश शुरू कर दी है।
ठगी की रणनीति
पुलिस के अनुसार, ठगों ने व्यवसायी को भरोसा दिलाने के लिए नकली दस्तावेज और फर्जी वादे किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोन स्वीकृत हो गया है और जल्द ही राशि उनके खाते में जमा हो जाएगी। इसके अलावा, ठगों ने व्यवसायी से बार-बार अतिरिक्त शुल्क और प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहा, जिससे उनकी जेब ढीली होती गई।
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