
बिलासपुर-कटनी रूट पर Diesel Engine पटरी से उतरा: ट्रेन सेवा बहाल, लेकिन यात्रियों को भारी परेशानी
बिलासपुर, 10 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर मंगलवार रात एक छोटी लेकिन गंभीर दुर्घटना ने रेल यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया। बेलगहना यार्ड की कॉमन लूप लाइन नंबर 4 पर लगभग रात 9:30 बजे एक डीजल इंजन के दो पहिए पटरी से उतर गए, जिसके कारण इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। यह घटना रेलवे के लिए एक चुनौतीपूर्ण क्षण साबित हुई, लेकिन रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से मात्र तीन घंटों में स्थिति सामान्य हो गई और ट्रेन सेवाएं बहाल कर दी गईं।

घटना का विवरण: क्या हुआ बेलगहना यार्ड में?
बेलगहना यार्ड, जो बिलासपुर मंडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, रेलवे ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रमुख केंद्र है। मंगलवार रात को डीजल इंजन (संभावित रूप से एक गुड्स ट्रेन का हिस्सा) लाइन नंबर 4 पर शंटिंग के दौरान पटरी से फिसल गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इंजन के अगले दो पहियों का पटरी से उतरना तकनीकी खराबी या ट्रैक की स्थिति के कारण हो सकता है, हालांकि रेलवे अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक कारण का खुलासा नहीं किया है। इस हादसे में किसी जानमाल की हानि की कोई खबर नहीं है, लेकिन इंजन के पटरी से उतरने से ट्रैक पर मलबा बिखर गया, जिसने पूरे मार्ग को ब्लॉक कर दिया।
यह रूट छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला एक व्यस्त कॉरिडोर है, जहां प्रतिदिन दर्जनों पैसेंजर और फ्रेट ट्रेनें चलती हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद रेलवे कंट्रोल रूम में अलार्म बज उठा और यातायात को तत्काल रोक दिया गया। अनुमान है कि इस घटना से कम से कम 10-12 ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिनमें लंबी दूरी की प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल थीं।

प्रभावित ट्रेनें और यात्रियों की परेशानी
- इस हादसे का सबसे बड़ा असर यात्रियों पर पड़ा। रेलवे को कई प्रमुख ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा, जिससे हजारों यात्री घंटों तक प्लेटफॉर्म पर फंसे रहे। प्रभावित ट्रेनों में शामिल हैं:
- दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस: यह ट्रेन भाठापारा स्टेशन पर रोकी गई, जहां सैकड़ों यात्री रात के समय असुविधा का शिकार हुए।
- दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस: निपनिया स्टेशन पर खड़ी रही, जिसके कारण बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा।
- बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस: उसलापुर स्टेशन पर रोकी गई, जो मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है।
- दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस: तिल्दा स्टेशन पर फंसी रही।
इसके अलावा, कटनी, शहडोल और रीवा की ओर से आने वाली ट्रेनें जैसे छपरा-पटना एक्सप्रेस, जबलपुर-इटारसी पैसेंजर आदि भी विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज कीं, जहां पानी, भोजन और मेडिकल सुविधाओं की कमी की बातें सामने आईं। एक यात्री ने बताया, “रात के 10 बजे के बाद ट्रेन रुक गई, और हमें प्लेटफॉर्म पर ही इंतजार करना पड़ा। बच्चे और बुजुर्गों को विशेष परेशानी हुई।”

रेलवे ने यात्रियों की सहायता के लिए तुरंत कदम उठाए। प्रभावित स्टेशनों पर हेल्प डेस्क और बूथ स्थापित किए गए, जहां वाटर, बिस्किट और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। कुछ मामलों में वैकल्पिक बस व्यवस्था की भी योजना बनी, लेकिन अधिकांश ट्रेनें स्थिर ही रहीं।
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