
Bilaspur : हाईवे किनारे ढाबे-शराब दुकानें न हटाने पर हाईकोर्ट सख्त
नेशनल हाईवे के किनारे संचालित ढाबों और शराब दुकानों को हटाने के आदेश का पालन नहीं होने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि आदेश और शपथ पत्र देने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
कोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर सवाल
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाईवे सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। कोर्ट ने माना कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद आदेशों का पालन नहीं होना गंभीर विषय है।

मुख्य सचिव से मांगा गया जवाब
हाईकोर्ट ने मामले में राज्य के मुख्य सचिव को शपथ पत्र दाखिल कर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि अब तक आदेशों के पालन में देरी क्यों हुई और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई।
अगली सुनवाई 19 दिसंबर को
मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि यदि अगली सुनवाई तक संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
हाईवे सुरक्षा से जुड़ा अहम मामला
हाईवे किनारे ढाबों और शराब दुकानों की मौजूदगी को सड़क सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक माना गया है। ऐसे में हाईकोर्ट का सख्त रुख प्रशासन पर दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



