
Bijapur में नक्सल साजिश नाकाम: जंगल से बरामद हुआ विस्फोटकों का विशाल जखीरा
बीजापुर, छत्तीसगढ़ | 2 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पामेड़ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में छिपाकर रखे गए नक्सलियों के एक विशाल जखीरे को बरामद कर लिया गया है। यह कार्रवाई नक्सलियों की किसी बड़ी साजिश को विफल करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिसमें विस्फोटकों का इस्तेमाल कर सुरक्षा बलों या नागरिकों को निशाना बनाने की योजना थी। बरामद सामग्री में भारी मात्रा में विस्फोटक, बम बनाने के उपकरण और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं।

सर्चिंग अभियान के दौरान मिला जखीरा
सीआरपीएफ की विशेष इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिसॉल्यूट एक्शन) की 208 बटालियन ने मंगलवार को कंचाल गांव के जंगलों में सर्चिंग अभियान चलाया। एफओबी (फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस) काउरगुट्टा क्षेत्र के घने जंगलों में जवानों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। गहन तलाशी के दौरान जंगल के बीचों-बीच एक गड्ढा खोजा गया, जहां नक्सलियों ने मिट्टी और पत्तियों से ढककर अपना जखीरा छिपा रखा था। जखीरा बरामद करते ही जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली और सामग्री को सुरक्षित स्थान पर ले जाया।
जब्त सामग्री: विस्फोटकों का खजाना
बरामद जखीरे में नक्सलियों के हमलों के लिए तैयार की गई खतरनाक सामग्री का पूरा स्टॉक मिला। प्रमुख जब्त वस्तुओं में शामिल हैं:
विस्फोटक पदार्थ: गन पाउडर, आरडीएक्स (RDX) और कार्डेक्स वायर की भारी मात्रा।
बम और ग्रेनेड: तीर बम, इम्प्रोवाइज्ड ग्रेनेड (स्वयं निर्मित हथगोले) और बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) सेल।
डेटोनेटर और बैटरी: इलेक्ट्रिक व नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, लिथियम बैटरी, सोलर इन्वर्टर और अन्य पावर सोर्स।
अन्य सामान: स्टील पाइप (आईईडी बनाने के लिए), नक्सली वर्दी, कॉम्बैट ड्रेस क्लॉथ और दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे खाद्य सामग्री व चिकित्सा किट।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जखीरा नक्सलियों के लिए महीनों का स्टॉक था, जो किसी बड़े विस्फोट या घात लगाकर हमले की योजना का हिस्सा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सामग्रियों से प्रेशर कुकर बम या आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) आसानी से तैयार किए जा सकते थे।

नक्सलियों की संभावित साजिश: सुरक्षा बलों पर निशाना?
बीजापुर जिला लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहां के जंगलों में नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) सक्रिय है, जो सुरक्षा बलों के कैंपों और सड़कों पर हमले की योजना बनाती रहती है। इस जखीरे से संकेत मिलता है कि नक्सली हाल ही में जवानों के एरिया डॉमिनेशन अभियानों को निशाना बनाने की फिराक में थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह साजिश नक्सलियों की हताशा को दर्शाती है। वे विकास कार्यों और शांति प्रयासों को बाधित करने के लिए हिंसा का सहारा ले रहे हैं।”
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