
बीजापुर में माओवादी हमला: IED विस्फोट में तीन ग्रामीण घायल, किशोरी भी शामिल
बीजापुरl छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों की कायराना हरकतों ने एक बार फिर निर्दोष ग्रामीणों को अपनी चपेट में लिया है। मद्देड़ थाना क्षेत्र के धनगोल गांव के जंगल में पहले से बिछाए गए प्रेशर आधारित विस्फोटक (IED) के फटने से तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना 13 जुलाई की शाम को हुई, जब ग्रामीण जंगली मशरूम (स्थानीय नाम– फुटु) इकट्ठा करने जंगल गए थे।
घायल ग्रामीण और उनकी स्थिति
विस्फोट में घायल हुए लोगों में कविता कुड़ियम (16 वर्ष), कोरसे संतोष (26 वर्ष), और चिड़ेम कन्हैया (24 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी धनगोल गांव के निवासी हैं। विस्फोट से उनके पैरों और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को रविवार रात को बीजापुर के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

माओवादियों का खतरनाक जाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह प्रेशर IED माओवादियों द्वारा पहले से जंगल में छिपाकर रखा गया था, जो ग्रामीणों की आवाजाही के दौरान सक्रिय हो गया। माओवादी अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए इस तरह के विस्फोटक बिछाते हैं, लेकिन इनका शिकार ज्यादातर निर्दोष ग्रामीण बनते हैं। सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से जंगल में सावधानी बरतने और संदिग्ध वस्तुओं की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
बस्तर में बढ़ती माओवादी हिंसा
बस्तर संभाग में माओवादी हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। साल 2025 की शुरुआत से अब तक IED विस्फोटों में 12 से अधिक ग्रामीण घायल हो चुके हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। बीजापुर, सुकमा, और नारायणपुर जिले इन घटनाओं के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। बीजापुर में ही इस साल की पहली छमाही में पांच ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जो क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर सवाल उठाती हैं।

सुरक्षा बलों का आह्वान
सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से जंगल में अनावश्यक भटकने से बचने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इसके साथ ही, माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सूचनाएं साझा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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