
Bijapur में विजयादशमी पर 103 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, उपमुख्यमंत्री ने की सराहना
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में महापर्व विजयादशमी के पावन अवसर पर 103 नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति और सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल ₹1 करोड़ 6 लाख 30 हजार का इनाम घोषित था।

उपमुख्यमंत्री की प्रेरणादायक टिप्पणी
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आत्मसमर्पण को सत्य और सन्मार्ग की जीत से जोड़ा। उन्होंने कहा, “विजयादशमी का पर्व सत्य, सन्मार्ग, संस्कार, सदाचार और सत्य की विजय का प्रतीक है।” उन्होंने रामचरितमानस का श्लोक उद्धृत करते हुए कहा, “लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥” यह श्लोक आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की प्रेरणा देता है।
नक्सलियों का आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वाले 103 नक्सली लंबे समय से बीजापुर और आसपास के क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों में शामिल थे। ये नक्सली सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए थे और इनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें से कई पर भारी इनाम भी घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान सुरक्षा बलों और प्रशासन ने इन नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास और सहायता का आश्वासन दिया।
सुरक्षा बलों की भूमिका
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की रणनीति, समर्पण और स्थानीय लोगों के सहयोग का परिणाम है। सुरक्षा बलों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर माओवादियों पर दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हुआ।
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