
Bihar शराब के प्याले में डूब रहा बिहार!
शराबबंदी के नौ साल बाद भी हर महीने बरामद हो रही हजारों लीटर अवैध शराब

23 सितंबर 2025 बिहार में अप्रैल 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी के नौ साल पूरे हो गए हैं, लेकिन हकीकत सरकार के दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2016 से मार्च 2025 तक 3.86 करोड़ लीटर अवैध शराब जब्त की गई, यानी औसतन हर महीने करीब 35,800 लीटर शराब पकड़ी गई। यह रिकॉर्ड तोड़ बरामदगी बताती है कि शराबबंदी कानून के बावजूद अवैध कारोबार थमा नहीं है।
- 9.36 लाख मुकदमे, 14 लाख गिरफ्तार
- शराबबंदी एवं उत्पाद विभाग के अनुसार—
- कुल 14.32 लाख अभियुक्त गिरफ्तार किए गए।
- 9.36 लाख मुकदमे दर्ज हुए।
- जब्त शराब में 2.10 करोड़ लीटर विदेशी और 1.76 करोड़ लीटर देशी शामिल है।
- पुलिस ने 2.68 करोड़ लीटर, जबकि विभाग ने 1.18 करोड़ लीटर शराब जब्त की।
- अब तक 3.77 करोड़ लीटर शराब नष्ट की जा चुकी है।
तस्करी का मजबूत नेटवर्क
बिहार की सीमाएं इसे तस्करी का हब बना देती हैं। नेपाल से सटे इलाके—पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी—से दूध के डिब्बों और अन्य माध्यमों से शराब की खेप आ रही है। झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी लगातार सप्लाई जारी है, जहां आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। FICCI रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अवैध शराब का कारोबार ₹23,466 करोड़ का है, जिसमें बिहार को अकेले लगभग ₹15,262 करोड़ का नुकसान होता है।
सख्ती के बावजूद चुनौती बरकरार
सरकार ने तस्करी रोकने के लिए ड्रोन निगरानी, स्निफर डॉग, सशक्त चेकपॉस्ट की व्यवस्था की।
नौ सालों में 1.40 लाख वाहन जब्त हुए और 8,268 भवन/भूखंड सील किए गए।
इसके बावजूद अगस्त 2025 में यूपी से आने वाली एक बड़ी खेप पकड़ी गई, जब तस्करों ने पुलिस पर हमला कर दिया।
इसी महीने रांची से ₹80 करोड़ के शराब धंधे की डायरी बरामद की गई।

शराब से मौत और अपराध पर असर
- सरकार का दावा है कि शराबबंदी से अपराधों में कमी आई है।
- NCRB आंकड़े: 2015 में 12,000 शराब-संबंधी अपराध, 2024 में घटकर 3,000 रह गए।
- लेकिन दूसरी ओर जहरीली शराब से 190 मौतों की पुष्टि हुई है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



