
Baloda Bazar में बड़ा बवाल: जर्जर स्कूल में ग्रामीणों ने 6 सरकारी अफसर को बनाया बंधक, जानिए क्या है पूरा मामला
बलौदाबाजार/पलारी। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम तमोरी में बुधवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। स्कूल भवन की जर्जर हालत से नाराज ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने निरीक्षण करने पहुंचे जिला और जनपद पंचायत के 6 अधिकारियों व कर्मचारियों को बंधक बना लिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि अधिकारियों को करीब दो घंटे तक उसी स्कूल भवन के कमरे में बंद रखा गया, जिसकी छत कभी भी गिर सकती है और जिसे खुद विभाग ने ‘असुरक्षित’ घोषित कर रखा है।
कैसे शुरू हुआ हंगामा?
दरअसल, बुधवार को जनपद पंचायत के अधिकारी एम.के. कुजूर, सहायक अभियंता गुलशन कुमार गायकवाड़, दो शिक्षक और एक रोजगार सहायक ‘एसआईआर’ (SIR) की सुनवाई के लिए गांव पहुंचे थे। इसी दौरान जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि बंजारे के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। ग्रामीणों ने दलील दी कि प्रशासन भवन तोड़ने का नोटिस तो दे देता है, लेकिन बच्चे कहां बैठेंगे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। आक्रोशित भीड़ ने सभी 6 कर्मचारियों को स्कूल के भीतर कर बाहर से ताला लटका दिया।

जर्जर भवन की लड़ाई और प्रशासन की लापरवाही
ग्रामीणों का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संजय गुहे ने इस स्कूल भवन को ‘कंडम’ और ‘अत्यंत खतरनाक’ घोषित कर दिया है। इसे कभी भी ध्वस्त किया जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई बार नए भवन के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार फाइल आगे बढ़ने का झांसा दिया जाता है।
DEO के लिखित आश्वासन पर माने ग्रामीण
अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की खबर जैसे ही जिला मुख्यालय पहुंची, हड़कंप मच गया। पलारी पुलिस और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी सक्रिय हुए। अंततः जिला शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि आगामी वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल 2026 में स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस लिखित पत्र के मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने ताला खोला और अधिकारियों को बाहर निकाला।
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