
कोयला घोटाला: सौम्या चौरसिया- रानू साहू सहित इन आरोपियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली नियमित जमानत
रायपुर/नई दिल्ली | छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित कोयला लेवी घोटाले (Coal Levy Scam) के मुख्य आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सौम्या चौरसिया (पूर्व उप सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय), रानू साहू (निलंबित IAS) और सूर्यकांत तिवारी (कथित सरगना) की नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने स्पष्ट किया कि लंबे समय तक जेल में रहने और मामले की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आरोपियों को नियमित जमानत दी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाईं ये सख्त शर्तें
अदालत ने जमानत तो दे दी है, लेकिन गवाहों की सुरक्षा और जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कुछ कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं । आरोपियों को अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहना होगा। वे केवल जांच एजेंसियों के समक्ष पेशी या कोर्ट ट्रायल के लिए ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे।
पासपोर्ट जमा करना
सभी आरोपियों को अपने पासपोर्ट संबंधित विशेष अदालत (PMLA Court) में तुरंत जमा करने होंगे। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी किसी भी गवाह को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी। आरोपियों को जांच एजेंसी (ED/ACB) के साथ पूरा सहयोग करना होगा।

घोटाले का पूरा गणित
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली की गई थी। लगभग 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप है, वहीं अब तक 273 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं साथ ही इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 35 के खिलाफ चालान पेश हो चुका है।
👉 हमारे WhatsApp group से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://chat.whatsapp.com/KoD8NZUKKtmFqIxvNmiCwx?mode=gi_t



