
Sukma में बड़ी नक्सली साजिश फेल, गोगुंडा की पहाड़ियों में मिला 5 किलो का बम और हथियारों का जखीरा
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के सबसे अभेद्य दुर्ग माने जाने वाले ‘गोगुंडा’ की पहाड़ियों में सुरक्षा बलों ने लगातार दूसरे दिन नक्सलियों के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया। गुरुवार (5 फरवरी 2026) को CRPF की 74वीं बटालियन और कोबरा 201 के जवानों ने एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाया गया हथियारों का एक बड़ा डंप बरामद किया। इस दौरान जवानों को निशाना बनाने के लिए लगाया गया 5 किलो वजनी आईईडी (IED) भी मिला, जिसे मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया।
एरिया डोमिनेशन के दौरान मिली सफलता
सुरक्षा बल के जवान इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन पर निकले थे। गोगुंडा पहाड़ी के दुर्गम छोर पर तलाशी के दौरान जवानों को पत्थरों और झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा मिला। नक्सलियों ने यहाँ विस्फोटक और हथियार जवानों पर बड़े हमले की नीयत से जमा किए थे। बम निरोधक दस्ते (BDS) ने अपनी सूझबूझ से शक्तिशाली बम को डिफ्यूज कर एक बड़ा हादसा टाल दिया।

कल ढहाया था रमन्ना का 20 फीट ऊंचा स्मारक
गौरतलब है कि इस ऑपरेशन के पहले दिन यानी बुधवार को जवानों ने गोगुंडा में नक्सली कमांडर रमन्ना के 20 फीट ऊंचे स्मारक को जमींदोज कर दिया था। सालों बाद इस इलाके में सुरक्षा बलों की स्थायी मौजूदगी और फॉरवर्ड कैंपों की स्थापना से नक्सलियों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो रहा है।
विकास की ओर बढ़ता गोगुंडा
40 साल बाद इस इलाके में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने से अब यहाँ बुनियादी सुविधाओं की राह आसान हो गई है। CRPF कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि, “हमारा लक्ष्य गोगुंडा को नक्सली भय से पूरी तरह मुक्त करना है। अब यहाँ शांति और विकास की दस्तक शुरू हो चुकी है।” वर्षों से माओवादियों के खौफ में जी रहे स्थानीय ग्रामीणों में अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी से सुरक्षा का भाव लौट रहा है।
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