
कस्टम मिलिंग और शराब घोटाले में High Court का बड़ा फैसला, अनवर ढेबर सहित 4 आरोपियों को मिली जमानत
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कस्टम मिलिंग घोटाला और शराब घोटाला मामलों में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट से रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को जमानत मिल गई है। कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

किन मामलों में मिली राहत?
हाईकोर्ट ने
▪️ कस्टम मिलिंग घोटाला केस में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को
▪️ शराब घोटाला केस में मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को
जमानत प्रदान की है।
बचाव पक्ष के वकील हर्षवर्धन परघनिया ने बताया कि ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज मामलों में आज सभी को राहत मिली।
140 करोड़ से ज्यादा का कस्टम मिलिंग घोटाला
छत्तीसगढ़ में सामने आया कस्टम मिलिंग घोटाला 140 करोड़ रुपए से अधिक का बताया जा रहा है। आरोप है कि नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में जमा किए जाने वाले चावल की कस्टम मिलिंग के नाम पर अफसरों और राइस मिलर्स के बीच व्यापक भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को मुख्य आरोपी बनाया गया था और ईओडब्ल्यू ने इनके खिलाफ चालान पेश कर जेल भेजा था।
20 रुपए प्रति क्विंटल की अवैध वसूली का आरोप
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया था कि
▪️ राइस मिलरों से 20 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अवैध वसूली की जाती थी
▪️ मार्कफेड के अधिकारियों पर दबाव बनाकर मिलरों के बिल रोके जाते थे
▪️ दबाव में आकर मिलर अवैध रकम देने को मजबूर होते थे
इस अवैध वसूली से कम से कम 20 करोड़ रुपए जुटाए जाने का दावा किया गया था।

कांग्रेस सरकार के दौर में प्रभावशाली था अनवर ढेबर
जांच एजेंसियों के मुताबिक अनवर ढेबर 2022-23 के दौरान राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली थे। आयकर विभाग की कार्रवाई में मिले डिजिटल साक्ष्यों से यह भी सामने आया था कि उनका असर सिर्फ शराब घोटाले तक सीमित नहीं था, बल्कि PWD और वन विभाग जैसे अहम विभागों तक फैला हुआ था।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



